राम मंदिर चढ़ावा गणना व्यवस्था में बड़ा बदलाव, दान गिनने वाले कर्मचारियों की शिफ्ट हुई 8 घंटे, वेतन नहीं बढ़ने से अंसतोष
राम मंदिर चढ़ावा चोरी जांच के बीच दान राशि की गणना व्यवस्था में बदलाव किया गया है। कर्मचारियों की शिफ्ट 8 घंटे की हुई, लेकिन मानदेय नहीं बढ़ने से नारा...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 29 Jul 2026 12:40:08 PM (IST)Updated Date: Wed, 29 Jul 2026 12:41:32 PM (IST)
HighLights
- मंदिर में दान राशि की गणना व्यवस्था में अहम बदलाव किया गया
- गिनती करने वाले कर्मचारियों की दोनों पालियों की अवधि बढ़ाई गई
- पहले कर्मचारियों की प्रत्येक पाली छह-छह घंटे की होती थी
डिजिटल डेस्क, अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले की जांच के बीच मंदिर में दान राशि की गणना व्यवस्था में अहम बदलाव किया गया है। अब चढ़ावे की गिनती करने वाले कर्मचारियों की दोनों पालियों की अवधि बढ़ा दी गई है।
हालांकि, कर्मचारियों का कहना है कि कार्य के घंटे बढ़ने के बावजूद उन्हें मिलने वाले मानदेय में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जिससे असंतोष बढ़ रहा है।
कर्मचारी अब प्रत्येक पाली में आठ घंटे तक कार्य कर रहे
सूत्रों के अनुसार, चढ़ावे की गणना में लगे कर्मचारी अब प्रत्येक पाली में आठ घंटे तक कार्य कर रहे हैं। इस दौरान वे नोटों की छंटाई, उनकी गिनती और गड्डियां तैयार करने जैसे सभी कार्य लगातार करते हैं। नई व्यवस्था के तहत पहली पाली सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगी, जबकि दूसरी पाली दोपहर 12:30 बजे शुरू होकर रात 8:30 बजे तक जारी रहेगी। दोनों पालियों के बीच कुछ समय तक कार्य समानांतर रूप से भी संचालित होगा।
पहले कर्मचारियों की प्रत्येक पाली छह-छह घंटे की होती थी
इससे पहले कर्मचारियों की प्रत्येक पाली छह-छह घंटे की होती थी। एक कर्मचारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि ड्यूटी का समय बढ़ा दिया गया है, लेकिन मानदेय पहले जितना ही रखा गया है। ऐसे में कई कर्मचारियों के लिए लंबे समय तक इस व्यवस्था में काम करना मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद वे इस कार्य से अलग होने पर विचार कर रहे हैं।
पहले हुआ था एक पाली का ट्रायल
सूत्र बताते हैं कि चढ़ावे की गणना को लेकर पहले एक पाली में कार्य कराने का प्रयोग भी किया गया था। उस दौरान बैंक कर्मचारियों के साथ आउटसोर्स कर्मियों की भी तैनाती की गई थी। हालांकि, ट्रायल के बाद दोबारा दो पालियों में ही गणना कराने का निर्णय लिया गया और वर्तमान व्यवस्था लागू कर दी गई।
जुलाई में दान राशि में हल्की कमी
जानकारी के अनुसार, जून की तुलना में जुलाई में मंदिर में प्राप्त चढ़ावे की राशि में मामूली कमी दर्ज की गई है। हालांकि, बैंक अधिकारियों और ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों का दावा है कि प्रतिदिन की औसत दान राशि अब भी लगभग 18 से 20 लाख रुपये के बीच बनी हुई है। इस संबंध में बैंक प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष नहीं मिल सका, क्योंकि संबंधित अधिकारी से संपर्क नहीं हो पाया।
जांच के चलते कर्मचारियों में बना हुआ है दबाव
चढ़ावा चोरी प्रकरण का सबसे अधिक असर गणना कार्य से जुड़े कर्मचारियों पर पड़ा है। मामले में कुछ आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई, जिससे उनमें भय और असमंजस का माहौल बना हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, पहले जब एक पाली की व्यवस्था का परीक्षण किया गया था, तब कई आउटसोर्स कर्मचारी काम छोड़कर चले गए थे।
हालांकि, उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जांच एजेंसियों द्वारा बुलाए जाने पर उन्हें उपस्थित होना अनिवार्य होगा। इसी कारण कुछ कर्मचारी फिलहाल कार्य जारी रखे हुए हैं, लेकिन कई लोग जांच पूरी होने के बाद इस जिम्मेदारी से अलग होने की तैयारी में हैं। कर्मचारियों का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम के चलते उनके परिवारों पर भी मानसिक दबाव बढ़ा है।