स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की घोषणा, 11 मार्च को लखनऊ में 'गो प्रतिष्ठा धर्म युद्ध' का आयोजन
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंदने घोषणा की कि 11 मार्च को लखनऊ में ‘गो प्रतिष्ठा धर्म युद्ध’ का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान की शुरुआत 6 मार्च को ‘संकल्प दिवस ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 01 Mar 2026 04:47:02 PM (IST)Updated Date: Sun, 01 Mar 2026 04:51:10 PM (IST)
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की घोषणा, 11 मार्च को लखनऊ में 'गो प्रतिष्ठा धर्म युद्ध' का आयोजनHighLights
- अपने आगामी कार्यक्रमों और रणनीति की जानकारी दी
- 11 मार्च तक विभिन्न चरणों में कार्यक्रम आयोजित होंगे
- धार्मिक और सामाजिक संगठनों की सहभागिता रहेगी
डिजिटल डेस्क। इलाहाबाद हाई कोर्ट से कुछ दिनों की राहत मिलने के बाद रविवार को श्रीविद्या मठ में एक बार फिर आंदोलन की रणनीति तय करने की प्रक्रिया शुरू हुई। इस अवसर पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रेसवार्ता कर गोमाता के संरक्षण को लेकर अपने आगामी कार्यक्रमों और रणनीति की जानकारी दी।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंदने घोषणा की कि 11 मार्च को लखनऊ में ‘गो प्रतिष्ठा धर्म युद्ध’ का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान की शुरुआत 6 मार्च को ‘संकल्प दिवस’ के साथ होगी और 11 मार्च तक विभिन्न चरणों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें ‘निर्णायक शंखनाद’ भी शामिल रहेगा। ‘धर्म युद्ध’ का उद्देश्य समाज में गोमाता के प्रति जागरूकता बढ़ाना
उन्होंने कहा कि गोमाता का संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। गोमाता भारतीय जीवन पद्धति का अभिन्न अंग रही हैं, इसलिए उनका संरक्षण प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। इस ‘धर्म युद्ध’ का उद्देश्य समाज में गोमाता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को उनके संरक्षण के लिए प्रेरित करना है।
‘संकल्प दिवस’ के तहत लोग गोमाता की रक्षा का संकल्प लेंगे
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि इस आयोजन में अनेक धार्मिक और सामाजिक संगठनों की सहभागिता रहेगी। यह कार्यक्रम न केवल गोमाता के प्रति श्रद्धा प्रकट करने का माध्यम बनेगा, बल्कि समाज में एकता, सहयोग और सांस्कृतिक चेतना को भी सुदृढ़ करेगा।
उन्होंने आमजन से अपील की कि वे इस अभियान से जुड़कर गोसंरक्षण के संकल्प को मजबूत बनाएं। 6 मार्च को ‘संकल्प दिवस’ के तहत लोग गोमाता की रक्षा का संकल्प लेंगे, जबकि 11 मार्च को मुख्य आयोजन में धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रम संपन्न होंगे।