UP में गोतस्करों की आई शामत... 35 हजार से ज्यादा गिरफ्तार, 83 करोड़ की संपत्ति जब्त, गैंगेस्टर और NSA के तहत कड़ा प्रहार
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, अब तक इस अभियान के तहत 14,182 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। कानून का शिकंजा इतना सख्त है कि अब तक 35,924 आरोपियों को गिरफ्त ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 13 Mar 2026 05:30:45 PM (IST)Updated Date: Fri, 13 Mar 2026 05:30:45 PM (IST)
UP में गोकशी पर आर-पार की जंग।HighLights
- UP में गोकशी पर आर-पार की जंग
- 35 हजार से ज्यादा तस्कर गिरफ्तार
- आरोपियों पर लगाया गया गैंगस्टर एक्ट
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में गोकशी और गोतस्करी के सिंडिकेट को जड़ से मिटाने के लिए अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, अब तक इस अभियान के तहत 14,182 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। कानून का शिकंजा इतना सख्त है कि अब तक 35,924 आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा गया है।
गैंगेस्टर और एनएसए (NSA) के तहत कड़ा प्रहार
सरकार केवल गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने पर भी ध्यान दे रही है।
- गैंगेस्टर एक्ट: कुल 13,793 आरोपितों के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की गई है।
- संपत्ति जब्ती: अपराधियों द्वारा अवैध रूप से कमाई गई लगभग 83.32 करोड़ रुपये की संपत्ति को पुलिस ने कुर्क/जब्त किया है।
- राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA): अपराध की गंभीरता को देखते हुए 178 मुख्य आरोपियों पर एनएसए लगाया गया है।
- सुरक्षा का त्रिस्तरीय ढांचा: टास्क फोर्स और खुफिया निगरानी
गोतस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए राज्य पुलिस ने एक विशेष रणनीति अपनाई है।
- विशेष टीमें: गोकशी रोकने के लिए समर्पित पुलिस टीमें गठित की गई हैं।
- टास्क फोर्स: जिला स्तर पर टास्क फोर्स सक्रिय हैं जो सीधे तौर पर खुफिया सूचनाओं पर काम करती हैं।
- बॉर्डर अलर्ट: सीमावर्ती क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है ताकि अंतर्राज्यीय तस्करी पर रोक लगाई जा सके। संवेदनशील जिलों में रात के समय विशेष गश्त के निर्देश दिए गए हैं।
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10 साल की जेल और भारी जुर्माना
वर्ष 2020 में उत्तर प्रदेश गोवध निवारण कानून में किए गए संशोधनों ने सजा के प्रविधानों को और भी अधिक कठोर बना दिया है। नए नियमों के तहत अब गोवंश को नुकसान पहुंचाना भारी पड़ सकता है।
अपराध की श्रेणी - अधिकतम सजा - आर्थिक दंड (जुर्माना)
गोहत्या - 10 वर्ष का कठोर कारावास - ₹3 लाख से ₹5 लाख तक
अंगभंग करना - 07 वर्ष का कठोर कारावास - ₹3 लाख तक