क्या आप भी बाजार से खरीदा घी खा रहे हैं? यूपी में तीन ब्रांड असुरक्षित घोषित, बिक्री पर तत्काल रोक
UP News: उत्तर प्रदेश में मिलावटी और घटिया खाद्य पदार्थों के खिलाफ सख्ती बढ़ाते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने तीन घी ब्रांड ‘हरियाणा ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 21 Jan 2026 04:54:14 PM (IST)Updated Date: Wed, 21 Jan 2026 04:54:14 PM (IST)
यूपी में तीन ब्रांड के घीअसुरक्षित घोषित। बिक्री पर तत्काल रोक।HighLights
- सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए
- नमूनों में भी गैर-डेयरी तत्वों की पुष्टि हुई
- दूध या दूध से बने उत्पादों से तैयार होना चाहिए
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश में मिलावटी और घटिया खाद्य पदार्थों के खिलाफ सख्ती बढ़ाते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने तीन घी ब्रांड ‘हरियाणा फ्रेश’, ‘रत्नागिरी’ और ‘व्रजवाशी’को असुरक्षित घोषित कर दिया है। इन ब्रांडों के घी की बिक्री, भंडारण और वितरण पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
एफएसडीए ने संबंधित खाद्य कारोबारियों को 48 घंटे के भीतर अपने पास मौजूद स्टॉक की पूरी जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बाजार से इन उत्पादों को तुरंत वापस (रिकॉल) करने के आदेश जारी किए गए हैं।
सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए
सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि प्रतिबंधित घी दोबारा बाजार में न पहुंच सके। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अनुसार, विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत विभिन्न जिलों से घी के नमूने एकत्र किए गए थे।
प्रयोगशाला जांच में यह घी निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरा। जांच में दूध और दूध वसा के अलावा अन्य तत्व पाए गए, जिसके कारण इसे ‘सब-स्टैंडर्ड और असुरक्षित’ घोषित किया गया।
नमूनों में भी गैर-डेयरी तत्वों की पुष्टि हुई
मुजफ्फरनगर में जांच के दौरान ‘हरियाणा फ्रेश’ ब्रांड के घी के दो अलग-अलग नमूने फेल पाए गए। यह घी गिरधर मिल्क फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, पानीपत (हरियाणा) द्वारा निर्मित बताया गया है।
वहीं लखनऊ, बहराइच और अयोध्या में ‘रत्नागिरी’ और ‘व्रजवाशी’ ब्रांड के घी के नमूनों की जांच की गई, जो गुजरात के सूरत और राजकोट में निर्मित पाए गए। इन नमूनों में भी गैर-डेयरी तत्वों की पुष्टि हुई।
घी दूध या दूध से बने उत्पादों से ही तैयार होना चाहिए
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और खाद्य उत्पाद मानक एवं खाद्य योज्य विनियम, 2011 के अनुसार, घी केवल दूध या दूध से बने उत्पादों से ही तैयार किया जाना चाहिए। किसी भी प्रकार के बाहरी या गैर-डेयरी तत्व की मौजूदगी इसे उपभोग के लिए असुरक्षित बनाती है।
एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के आदेश में कहा गया है कि यह कार्रवाई जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियातन की गई है। हालांकि संबंधित खाद्य कारोबारियों को कानून के तहत पुनः जांच (री-एनालिसिस) का अधिकार प्रदान किया गया है।