डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों की कनेक्टिविटी को नई मजबूती देने के लिए दो बड़ी एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में 26,315 करोड़ रुपये की लागत वाले 333 किलोमीटर लंबे विंध्य एक्सप्रेसवे और 9,039 करोड़ रुपये की लागत वाले 117 किलोमीटर लंबे विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
कैबिनेट बैठक में कुल 18 प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि दोनों परियोजनाएं प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क को और मजबूत करेंगी तथा औद्योगिक, कृषि, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देंगी।
प्रयागराज से छत्तीसगढ़ सीमा तक बनेगा विंध्य एक्सप्रेसवे
333 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड विंध्य एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे के अंतिम बिंदु प्रयागराज से शुरू होकर भदोही के ज्ञानपुर, मिर्जापुर के चुनार, सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज और रेणुकूट होते हुए बभनी के रास्ते छत्तीसगढ़ सीमा तक पहुंचेगा। यह छह लेन का एक्सप्रेसवे होगा, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा।
यूपीडा द्वारा कराए गए विस्तृत सर्वे और तकनीकी अध्ययन के बाद तीन संभावित अलाइनमेंट तैयार किए गए थे। मुख्यमंत्री की समीक्षा के बाद विकल्प-3 को अंतिम रूप दिया गया।
उद्योग, पर्यटन और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि विंध्य एक्सप्रेसवे बनने से क्षेत्र में औद्योगिक निवेश बढ़ेगा, पर्यटन को नई रफ्तार मिलेगी और खनिज व कृषि आधारित उद्योगों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा माल ढुलाई की लागत कम होगी और यात्रा समय में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
यह एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और अन्य प्रमुख मार्गों से बेहतर संपर्क स्थापित करेगा, जिससे प्रदेश के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में रोजगार और निवेश के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है। इसे उत्तर प्रदेश को एक लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में अहम बुनियादी ढांचा परियोजना माना जा रहा है।
विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को भी मिली मंजूरी
कैबिनेट ने 117 किलोमीटर लंबे विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को भी हरी झंडी दे दी है। लगभग 9,039 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह छह लेन का ग्रीनफील्ड कॉरिडोर भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा।
यह एक्सप्रेसवे गाजीपुर जिले के पखनपुरा से शुरू होकर चंदौली होते हुए मिर्जापुर के रानीपुर (चुनार) तक जाएगा। विस्तृत सर्वे के दौरान तैयार दो विकल्पों में से मुख्यमंत्री ने विकल्प-1 को मंजूरी दी।
पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र की बढ़ेगी कनेक्टिविटी
यूपीडा के अनुसार, यह लिंक एक्सप्रेसवे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे के बीच निर्बाध संपर्क स्थापित करेगा। इससे वाराणसी, गाजीपुर, चंदौली, मिर्जापुर और आसपास के क्षेत्रों की सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होगी। साथ ही औद्योगिक निवेश, माल परिवहन, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन क्षेत्र को भी नई गति मिलने की संभावना है।
दोनों एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के पूरा होने के बाद विंध्य और पूर्वांचल क्षेत्र का सड़क नेटवर्क पहले से अधिक मजबूत होगा, जिससे क्षेत्रीय विकास के साथ-साथ प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।