डिजिटल डेस्क, लखनऊ। राजधानी लखनऊ में विदेशी महिलाओं से जुड़े कथित अंतरराष्ट्रीय देह व्यापार नेटवर्क की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब एक साल से फरार चल रही उज्बेकिस्तान की नागरिक लोला कायूमोवा को लखनऊ पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की संयुक्त टीम ने गोमतीनगर इलाके से गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पहचान छिपाने और गिरफ्तारी से बचने के लिए प्लास्टिक सर्जरी कराकर अपना हुलिया बदल लिया था। पुलिस ने पूछताछ के लिए लोला को सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। एजेंसियां अब उसके कथित नेटवर्क, स्थानीय मददगारों और विदेश से जुड़े संपर्कों की जानकारी जुटाने में लगी हैं।
विदेशी महिलाओं की गिरफ्तारी के बाद सामने आया था नाम
पुलिस के अनुसार, जून 2025 में लखनऊ में बिना वैध पासपोर्ट और वीजा के रह रही दो उज्बेकिस्तानी महिलाओं के पकड़े जाने के बाद लोला कायूमोवा का नाम जांच में सामने आया था। 19 जून की रात सुशांत गोल्फ सिटी के ओमेक्स आर-वन स्थित एक फ्लैट पर पुलिस और एफआरआरओ की टीम ने छापा मारकर दो विदेशी महिलाओं को हिरासत में लिया था। पूछताछ में उनकी पहचान होलिडा और नीलोफर के रूप में हुई।
मसाज पार्लर की आड़ में उनकी बुकिंग कराती थी
जांच एजेंसियों का आरोप है कि दोनों महिलाओं को लोला लखनऊ लाई थी और मसाज पार्लर की आड़ में उनकी बुकिंग कराती थी। पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही लोला मौके से फरार हो गई थी। इसके बाद से वह लगातार पुलिस की नजरों से बचती रही।
फर्जी दस्तावेजों से पहचान बदलने का आरोप
जांच में पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि लोला ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया। आरोप है कि उसने एक फर्जी मैरिज सर्टिफिकेट के आधार पर आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेज बनवाए थे।
जिस व्यक्ति को दस्तावेजों में उसका पति बताया गया, उसके बारे में भी पुलिस ने जांच की है। आरोप है कि वह पहले उसका ग्राहक था, लेकिन बाद में कथित तौर पर उसके नेटवर्क में शामिल हो गया और अपने फ्लैट का इस्तेमाल भी इस गतिविधि के लिए करने लगा।
पहचान छिपाने के लिए कराई प्लास्टिक सर्जरी
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पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि लोला ने अपना चेहरा और हुलिया बदलने के लिए प्लास्टिक सर्जरी करा ली थी। जांच एजेंसियों का दावा है कि उसने चेहरे, होंठ, अंडरआर्म्स और अन्य हिस्सों की सर्जरी कराई थी, ताकि लंबे समय से फरार होने के बावजूद उसकी पहचान आसानी से न हो सके।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में एक निजी क्लीनिक के डॉक्टर और कुछ अन्य स्थानीय लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आरोप है कि विदेशी महिलाओं के दस्तावेजों की पर्याप्त जांच किए बिना उनकी मदद की गई।
नेपाल और उज्बेकिस्तान से नेटवर्क जोड़ने का दावा
जांच एजेंसियों को शक है कि लोला का संपर्क नेपाल और उज्बेकिस्तान से जुड़े लोगों से था। आरोप है कि वह विदेश से महिलाओं को भारत लाकर उन्हें लखनऊ के पॉश इलाकों में किराये के फ्लैटों में ठहराती थी।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं, विदेशी महिलाओं को भारत लाने में किन लोगों की भूमिका थी और उनके लिए फर्जी दस्तावेज तथा ठिकाने उपलब्ध कराने में कौन-कौन मदद करता था।
उज्बेकिस्तान में भी लुकआउट नोटिस की जानकारी
जांच में यह जानकारी भी सामने आने की बात कही जा रही है कि लोला के खिलाफ उज्बेकिस्तान में लुकआउट नोटिस जारी है। एजेंसियां उसके विदेशों में मौजूद संपर्कों और भारत में उसकी गतिविधियों के बीच संबंधों की भी पड़ताल कर रही हैं।
पुलिस फिलहाल लोला से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और स्थानीय सहयोगियों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।