डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में होने वाली पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने इस बार अभूतपूर्व सख्ती के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि भर्ती परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
परीक्षा में नकल, पेपर लीक या अन्य अनियमितताओं में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। बोर्ड ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि परीक्षा में पकड़े जाने वाले सॉल्वर की संपत्ति तक जब्त की जा सकती है।
सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया और इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर 24 घंटे निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व अफवाहें और भ्रामक सूचनाएं फैलाने का प्रयास कर सकते हैं। इसलिए ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परीक्षा लाखों युवाओं के भविष्य और सपनों से जुड़ी है। इसलिए अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसकी विशेष व्यवस्था की जाए। परीक्षा केंद्रों पर छाया, पेयजल, निर्बाध बिजली आपूर्ति और वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
6 जून को होगा मॉक ड्रिल, कमियां दूर करने के निर्देश
सीएम योगी ने भर्ती बोर्ड को 6 जून को परीक्षा का पूर्वाभ्यास (मॉक ड्रिल) कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि व्यवस्थाओं की समीक्षा कर किसी भी प्रकार की कमी को समय रहते दूर किया जा सके। वहीं अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए परिवहन विभाग को रियायती किराए पर अंतरजिला बसों के संचालन के निर्देश भी दिए गए हैं।
सॉल्वर पकड़ा गया तो संपत्ति भी होगी जब्त
भर्ती बोर्ड के अपर सचिव सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि बोर्ड के संज्ञान में आया है कि कुछ लोग परीक्षा के प्रश्नपत्र और उससे संबंधित सामग्री को लेकर भ्रामक चर्चाएं और कंटेंट प्रसारित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी गतिविधियां कानूनन अपराध हैं।
उन्होंने कहा कि जिस जिले में कोई सॉल्वर या परीक्षा माफिया पकड़ा जाएगा, वहां के विवेचक संबंधित जिलाधिकारी को आरोपी की जानकारी उपलब्ध कराएंगे, ताकि कानूनी प्रक्रिया के तहत उसकी संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की जा सके।
पहली बार पकड़े जाने पर 7 साल की जेल और 10 लाख का जुर्माना
उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़े दंड का प्रावधान है। पहली बार दोषी पाए जाने पर अधिकतम 7 वर्ष की सजा और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। दोबारा अपराध करने पर आजीवन कारावास और 50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
29 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना
UPPRPB के महानिदेशक एस.बी. शिरोडकर के अनुसार आरक्षी भर्ती परीक्षा 8 से 10 जून तक प्रदेशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। 32,679 पदों के लिए होने वाली इस भर्ती परीक्षा में करीब 29 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है।