UP Rani Lakshmibai Scooty Yojana: मेधावी छात्राओं को मिलेगी मुफ्त स्कूटी, सरकार उठाएगी बीमा से लेकर पेट्रोल तक का खर्च
उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही मेधावी छात्राओं के लिए बड़ी सौगात का ऐलान किया है।
Publish Date: Tue, 21 Jul 2026 04:09:12 PM (IST)Updated Date: Tue, 21 Jul 2026 04:10:25 PM (IST)
HighLights
- दिव्यांग, निराश्रित और शहीदों की बेटियों को विशेष लाभ
- दिव्यांग, निराश्रित और शहीदों की बेटियों को विशेष लाभ
- रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के क्रियान्वयन को मंजूरी
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही मेधावी छात्राओं के लिए बड़ी सौगात का ऐलान किया है। राज्य मंत्रिमंडल ने रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के क्रियान्वयन को मंजूरी दे दी है। योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक अंतिम वर्ष उत्तीर्ण करने वाली टॉप 5 प्रतिशत मेधावी छात्राओं को मुफ्त पेट्रोल चालित स्कूटी दी जाएगी।
बीमा, पंजीकरण, हेलमेट और पांच लीटर पेट्रोल का खर्च सरकार वहन करेगी
सरकार का उद्देश्य छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराना है। करीब 50 हजार छात्राओं को इस योजना का लाभ मिलने का अनुमान है। स्कूटी के साथ बीमा, पंजीकरण, हेलमेट और पांच लीटर पेट्रोल का पूरा खर्च भी सरकार वहन करेगी। इस योजना पर राज्य सरकार लगभग 400 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
दिव्यांग, निराश्रित और शहीदों की बेटियों को विशेष लाभ
योजना में सामाजिक संवेदनशीलता का भी विशेष ध्यान रखा गया है। दिव्यांग छात्राओं, निराश्रित बालिकाओं और शहीदों की बेटियों को मेरिट सूची की अनिवार्यता से छूट देते हुए सीधे योजना का लाभ दिया जाएगा।
किन छात्राओं को मिलेगा लाभ?
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के अनुसार, योजना का लाभ केवल उत्तर प्रदेश की मूल निवासी छात्राओं को मिलेगा। पात्र छात्रा के परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए। लाभार्थियों का चयन स्नातक अंतिम वर्ष की मेरिट के आधार पर तैयार की गई टॉप 5 प्रतिशत सूची से किया जाएगा।
यह योजना राज्य विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालयों तथा उनसे संबद्ध राजकीय, सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों से स्नातक करने वाली छात्राओं पर लागू होगी।
पेट्रोल स्कूटी देने के पीछे यह है वजह
सरकार ने दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों में पेट्रोल पंप तथा सर्विस सेंटर की बेहतर उपलब्धता को देखते हुए पेट्रोल चालित स्कूटी देने का फैसला किया है। स्कूटी की खरीद जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। विभिन्न वाहन कंपनियों से अगले 10 दिनों के भीतर प्रस्ताव मांगे जाएंगे और चयनित मॉडलों का प्रदर्शन भी कराया जाएगा, ताकि सुरक्षा और गुणवत्ता के आधार पर अंतिम चयन किया जा सके।
छात्राओं की पढ़ाई और करियर को मिलेगा सहारा
सरकार का मानना है कि इस योजना से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की छात्राओं को कॉलेज आने-जाने में आसानी होगी। साथ ही वे नियमित पढ़ाई के अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार की तैयारी के लिए भी बेहतर अवसर प्राप्त कर सकेंगी।
प्रदेश में बड़ी संख्या में होंगी लाभार्थी
उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 36 राज्य विश्वविद्यालय, 50 निजी विश्वविद्यालय, 465 राजकीय और 7,827 स्ववित्तपोषित महाविद्यालय संचालित हैं। पिछले शैक्षणिक सत्र में स्नातक पाठ्यक्रमों में 27.79 लाख से अधिक छात्राएं पंजीकृत थीं, जबकि 2025-26 सत्र में करीब 9 लाख छात्राएं स्नातक अंतिम वर्ष में अध्ययनरत हैं। इन्हीं में से मेरिट के आधार पर टॉप 5 प्रतिशत छात्राओं का चयन कर योजना का लाभ दिया जाएगा।