
डिजिटल डेस्क। गुरुवार रात करीब तीन बजे बेतवा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा अचानक ढह गया। हादसे में मलबे में दबकर छह मजदूरों की मौत हो गई। यह पुल कुरारा के मोरकंदर परसानी से नैथी गांव तक बनाया जा रहा था। घटना के समय सभी मजदूर पुल के स्लैब वाले हिस्से में सो रहे थे। हादसा तेज बारिश और आंधी-तूफान के दौरान हुआ, जिसके बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। SDRF की एक टीम तत्काल राहत और बचाव कार्य में जुट गई, जबकि दूसरी टीम को भी मौके पर भेजा गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार स्लैब गिरने से छह मजदूर दब गए थे, जिनमें से पांच के शव दिखाई दिए, जबकि एक मजदूर के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई। इसके अलावा तीन मजदूर पुल के पिलर पर फंस गए थे, जिन्हें सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास किए गए।
बताया जा रहा है कि इस पुल निर्माण को राज्यसभा सदस्य बाबूराम निषाद के प्रयासों से मंजूरी मिली थी। पुल का निर्माण उनके पैतृक गांव मोरकंदर परसानी के पास कराया जा रहा था। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। प्रशासन ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़कर आठ से दस तक पहुंच सकती है।
हादसे में जान गंवाने वालों में लोकेंद्र पुत्र राधेश्याम निषाद निवासी चिल्ला, जनपद बांदा उम्र 22 वर्ष, कुलदीप निषाद पुत्र प्रेमचंद निवासी चिल्ला उम्र 19 वर्ष, सावंत यादव निवासी भूरागढ़ बांदा उम्र 28 वर्ष, सभाजीत निवासी भूरागढ़ उम्र 30 वर्ष, पुष्पेंद्र सिंह चौहान पुत्र राजेंद्र सिंह निवासी स्वासा खुर्द थाना ललपुर हमीरपुर उम्र 34 वर्ष तथा राजेश पाल पुत्र सभाजीत निवासी अचपुरा थाना ललपुर हमीरपुर उम्र 42 वर्ष शामिल हैं।
VIDEO | Hamirpur, Uttar Pradesh: At least six feared dead and several injured as a portion of an under-construction bridge over Betwa river collapsed during storm. Rescue operations underway. More details are awaited.
(Source: Third Party)
(Full video available on PTI Videos -… pic.twitter.com/xH6h9dGjyt
— Press Trust of India (@PTI_News) May 29, 2026
पुल के पिलर पर फंसे तीन मजदूरों की पहचान अवधेश निषाद निवासी भूरागढ़ बांदा, कल्लू यादव निवासी भूरागढ़ बांदा और राजेश निषाद निवासी नरैनी बांदा के रूप में हुई है। प्रशासन ने बताया कि सभी को सुरक्षित निकालने के प्रयास लगातार जारी हैं।