
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में आवागमन को सुगम बनाने और यातायात के दबाव को कम करने के लिए राज्य सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बड़ा निर्णय लिया है। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय समिति की बैठक में प्रदेश की 35 महत्वपूर्ण सड़क और फ्लाईओवर परियोजनाओं में पैसेंजर कार यूनिट (पीसीयू) के मानकों में ढील देने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है।
समिति की इस स्वीकृति के बाद अब राज्य के विभिन्न जिलों में प्रस्तावित बाईपास, सड़कों के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण, फ्लाइओवर और संपर्क मार्गों के निर्माण कार्य में तेजी आएगी। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी विकास कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ तय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने निर्माण परियोजनाओं की प्रगति और पीसीयू शिथिलीकरण से जुड़े प्रस्तावों की गहन समीक्षा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को परियोजनाओं की प्रगति की नियमित तौर पर निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के समय पर पूरे हो सकें।
स्वीकृत की गई परियोजनाओं के तहत राज्य के प्रमुख जिलों में इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार किया जाएगा...
इस उच्च स्तरीय बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव अजय चौहान, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास सचिव विजय किरन आनंद समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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