
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश में इस बार की जनगणना एक ऐतिहासिक बदलाव के साथ शुरू होने जा रही है। देश के इतिहास में पहली बार नागरिकों को 'स्वगणना' (Self-Enumeration) का विकल्प दिया गया है, जिससे लोग सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटे बिना या प्रगणकों का इंतजार किए बिना अपनी जानकारी खुद डिजिटल पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगे।
जनगणना निदेशालय के अनुसार, स्वगणना की यह सुविधा 7 मई से 21 मई तक उपलब्ध रहेगी। नागरिक आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर लॉगिन करके अपने परिवार का विवरण भर सकते हैं। निदेशालय ने जोर दिया है कि सटीक राष्ट्रीय आंकड़े तैयार करने के लिए लोग पोर्टल पर पूर्ण और सत्य जानकारी ही साझा करें।
ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सिस्टम द्वारा प्रत्येक परिवार को एक विशिष्ट 'स्वगणना आईडी' जारी की जाएगी। अधिकारियों ने सलाह दी है कि इस आईडी को संभाल कर रखें, क्योंकि यह जनगणना की आगामी प्रक्रियाओं और सत्यापन के लिए अनिवार्य होगी।
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जो लोग किसी तकनीकी कारण या अन्य वजहों से ऑनलाइन स्वगणना नहीं कर पाएंगे, उन्हें चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे परिवारों के लिए 22 जून से 20 जून तक प्रगणक (Enumerators) व्यक्तिगत रूप से घर-घर जाकर डेटा एकत्र करेंगे। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना कर्मियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करें और राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य में प्रेम व करुणा के साथ सहयोग करें।
| चरण (Phase) | अवधि (Duration) | विवरण (Description) |
| स्वगणना (Self-Enumeration) | 7 मई से 21 मई | ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी जानकारी खुद भरना। |
| प्रगणक दौरा (Field Visit) | 22 मई से 20 जून | जो स्वगणना नहीं करेंगे, उनके घर जनगणना कर्मी आएंगे। |
| जरूरी दस्तावेज | स्वगणना आईडी (ID) | ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने पर प्राप्त होगी। |