यूपी दिवस 2026: ‘बीमारू’की छवि से बाहर निकलकर निवेश का पावरहाउस बना UP, 15 लाख करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास
UP News: रक्षा कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर निर्माण, डेटा सेंटर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) के विस्तार ने उत्तर प्रदेश को डिजिटल और नॉलेज इकोनॉमी का उभ ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 22 Jan 2026 03:46:05 PM (IST)Updated Date: Thu, 22 Jan 2026 03:46:05 PM (IST)
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथHighLights
- भरोसे की वापसी और रिकॉर्ड निवेश
- ग्राउंड ब्रेकिंग मॉडल और रोजगार सृजन
- क्षेत्रीय विकास और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर
डिजिटल डेस्क। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने बीते लगभग नौ वर्षों में विकास की वह ऐतिहासिक कहानी लिखी है, जिसने कभी ‘बीमारू राज्य’ कहे जाने वाले प्रदेश की छवि को पूरी तरह बदल दिया है। वर्ष 2017 से पहले जहां उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए असुरक्षित और अविश्वसनीय माना जाता था, वहीं आज यह देश के सबसे भरोसेमंद और आकर्षक निवेश गंतव्यों में शुमार है।
यूपी दिवस के अवसर पर यह उपलब्धि और भी गौरवपूर्ण हो जाती है कि प्रदेश में निवेश केवल एमओयू तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसे जमीन पर उतारने का ठोस मॉडल विकसित किया गया। अब तक चार भव्य ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के माध्यम से 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास हो चुका है, जिसने उत्तर प्रदेश को ‘आत्मनिर्भर भारत’ की परिकल्पना का अग्रदूत बना दिया है।
भरोसे की वापसी और रिकॉर्ड निवेश
2017 के बाद उत्तर प्रदेश में आए व्यापक बदलावों की नींव सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, पारदर्शी प्रशासन और त्वरित निर्णय प्रणाली रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधारों और इन्वेस्ट यूपी जैसे प्रभावी मंचों ने निवेशकों का खोया हुआ भरोसा बहाल किया।
2018 की पहली इन्वेस्टर्स समिट से शुरू हुआ यह सफर 2023 की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 45 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों तक पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन यह सुनिश्चित करता है कि निवेश फाइलों तक सीमित न रहे, बल्कि फैक्ट्रियों, उत्पादन और रोजगार में तब्दील हो।
ग्राउंड ब्रेकिंग मॉडल और रोजगार सृजन
योगी सरकार द्वारा अपनाया गया ग्राउंड ब्रेकिंग मॉडल निवेश को धरातल पर उतारने का देश का सबसे सफल उदाहरण बन चुका है।
- 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की 16,000 से ज्यादा परियोजनाओं का शिलान्यास
- 8,300 से अधिक परियोजनाएं व्यावसायिक रूप से संचालित
- लाखों युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार
- देश में बनने वाले 65 प्रतिशत से अधिक मोबाइल फोन का निर्माण अकेले उत्तर प्रदेश में
संतुलित क्षेत्रीय विकास और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर
उत्तर प्रदेश का औद्योगिक विकास अब केवल पश्चिमी यूपी तक सीमित नहीं रहा। बुंदेलखंड, पूर्वांचल और तराई क्षेत्रों में स्थापित औद्योगिक पार्क संतुलित और समावेशी विकास की नई तस्वीर पेश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत विकसित एक्सप्रेसवे-आधारित औद्योगिक क्लस्टर और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब ने प्रदेश की विकास गति को नई ऊंचाइयां दी हैं।
रक्षा कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर निर्माण, डेटा सेंटर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) के विस्तार ने उत्तर प्रदेश को डिजिटल और नॉलेज इकोनॉमी का उभरता केंद्र बना दिया है। आज उत्तर प्रदेश केवल संभावनाओं का राज्य नहीं रहा, बल्कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, निर्णायक नेतृत्व और सख्त प्रशासन के बल पर उन संभावनाओं को ठोस परिणामों में बदलने वाला भारत का औद्योगिक इंजन बन चुका है।