योगी कैबिनेट का फैसला: शाहजहांपुर का जलालाबाद अब 'परशुराम पुरी', उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 को भी मंजूरी सहित 29 प्रस्तावों पर मुहर
Yogi Cabinet Meeting: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को उनके सरकारी आवास पर आयोजित उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में कुल 29 प्रस्ता...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 06 Jul 2026 01:58:38 PM (IST)Updated Date: Mon, 06 Jul 2026 02:15:52 PM (IST)
HighLights
- भगवान परशुराम की जन्मस्थली से जुड़ी है मान्यता
- कैबिनेट की बैठक में कुल 29 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई
- निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर फोकस
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को उनके सरकारी आवास पर आयोजित उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में कुल 29 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के अहम फैसलों में शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलकर 'परशुराम पुरी' किए जाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिल गई।
इसके अलावा प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 को भी मंजूरी प्रदान की गई।
जलालाबाद अब कहलाएगा 'परशुराम पुरी'
कैबिनेट की मंजूरी के बाद शाहजहांपुर की नगर पालिका परिषद जलालाबाद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कस्बे का आधिकारिक नाम 'परशुराम पुरी' होगा। लंबे समय से लंबित इस प्रस्ताव को अब अंतिम प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है। इस नाम परिवर्तन की प्रक्रिया वर्ष 2018 में शुरू हुई थी।
नगर पालिका परिषद ने मार्च 2018 और बाद में सितंबर 2023 की बोर्ड बैठकों में इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया था। इसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी की संस्तुति के साथ प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया। राज्य सरकार ने इसे केंद्र सरकार के पास अग्रेषित किया, जहां 20 अगस्त 2025 को मंजूरी मिल गई थी। अब योगी कैबिनेट ने इस पर अंतिम मुहर लगा दी है।
भगवान परशुराम की जन्मस्थली से जुड़ी है मान्यता
स्थानीय मान्यताओं और अनेक पौराणिक ग्रंथों के अनुसार शाहजहांपुर का यह कस्बा भगवान परशुराम की जन्मभूमि माना जाता है। यहां भगवान परशुराम का एक प्राचीन मंदिर भी स्थित है, जिसे श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश सरकार ने इस स्थान को आधिकारिक रूप से भगवान परशुराम की जन्मभूमि के रूप में मान्यता दी थी। माना जाता है कि यहां स्थित मंदिर और इससे जुड़ा धार्मिक इतिहास हजारों वर्ष पुराना है।
जलालाबाद नाम को लेकर भी हैं अलग-अलग मान्यताएं
इतिहासकारों और स्थानीय लोगों के बीच जलालाबाद नाम की उत्पत्ति को लेकर अलग-अलग मत प्रचलित हैं। एक प्रमुख मान्यता के अनुसार मुगल सम्राट जलालुद्दीन अकबर के सम्मान में इस कस्बे का नाम जलालाबाद रखा गया था। हालांकि अब सरकार ने इसकी ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान को ध्यान में रखते हुए इसका नाम 'परशुराम पुरी' करने का निर्णय लिया है।
उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 को भी मिली मंजूरी
कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 को भी स्वीकृति दी गई। अगले पांच वर्षों तक प्रभावी रहने वाली इस नीति का उद्देश्य प्रदेश को देश के अग्रणी स्टार्टअप हब के रूप में विकसित करना, युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करना तथा निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।
नई नीति में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डीप-टेक, हाईटेक और नवाचार आधारित क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया है। साथ ही स्टार्टअप्स को शुरुआती चरण से लेकर विस्तार तक वित्तीय सहायता, संस्थागत सहयोग और बेहतर इकोसिस्टम उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।