बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को बड़ी राहत, पेंशन बढ़ा सकती है योगी सरकार
UP News: उत्तर प्रदेश में बुजुर्गों, निराश्रित विधवाओं और दिव्यांगजनों को जल्द ही बड़ी राहत मिल सकती है। आगामी बजट में सभी प्रमुख पेंशन योजनाओं की राश ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 21 Jan 2026 04:26:36 PM (IST)Updated Date: Wed, 21 Jan 2026 04:26:36 PM (IST)
बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को बड़ी राहत, पेंशन बढ़ा सकती है योगी सरकारHighLights
- तीसरी बार पेंशन बढ़ाने की रूपरेखा तैयार की जा रही
- बजट में इस पर अंतिम घोषणा की जा सकती है
- एक करोड़ पेंशनधारकों को सीधा लाभ मिलेगा
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश में बुजुर्गों, निराश्रित विधवाओं और दिव्यांगजनों को जल्द ही बड़ी राहत मिल सकती है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। आगामी बजट में सभी प्रमुख पेंशन योजनाओं की राशि में 500 रुपये की बढ़ोतरी का ऐलान किया जा सकता है। इससे प्रदेश के लगभग एक करोड़ पेंशनधारकों को सीधा लाभ मिलेगा।
तीसरी बार पेंशन बढ़ाने की रूपरेखा तैयार की जा रही
प्रदेश में इस समय वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित विधवा महिला पेंशन और दिव्यांगजन पेंशन योजनाएं संचालित हैं। वर्ष 2017 से पहले इन योजनाओं के तहत 300 रुपये मासिक पेंशन दी जाती थी। योगी सरकार के गठन के बाद सबसे पहले 200 रुपये की बढ़ोतरी की गई और बाद में एकमुश्त 500 रुपये बढ़ाकर पेंशन राशि को 1000 रुपये प्रतिमाह किया गया।
अब तीसरी बार पेंशन बढ़ाने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो पेंशन राशि बढ़कर 1500 रुपये प्रतिमाह हो जाएगी।
बजट में इस पर अंतिम घोषणा की जा सकती है
सूत्रों के अनुसार, सरकार ने संबंधित विभागों से पेंशन योजनाओं, लाभार्थियों की संख्या और प्रस्तावित बढ़ोतरी के बाद होने वाले अतिरिक्त वित्तीय भार का विवरण मांगा है। माना जा रहा है कि आने वाले बजट में इस पर अंतिम घोषणा की जा सकती है।
वर्तमान में प्रदेश में करीब 67.50 लाख बुजुर्ग वृद्धावस्था पेंशन का लाभ उठा रहे हैं। इसके अलावा लगभग 40 लाख निराश्रित विधवा महिलाएं और 11.5 लाख से अधिक दिव्यांगजन विभिन्न पेंशन योजनाओं से जुड़े हैं। यदि इनके परिवारों को भी शामिल किया जाए, तो इस फैसले का असर करोड़ों मतदाताओं तक पहुंचेगा। इसी कारण इसे 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
अहम चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी
सरकार सामाजिक सुरक्षा पेंशन को एक अहम चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में है। महंगाई, रोजगार और आय जैसे मुद्दों के बीच पेंशन में बढ़ोतरी से सरकार को पेंशनधारकों और आम मतदाताओं के बीच सकारात्मक संदेश देने में मदद मिलेगी।
निर्णय के बाद इसे सरकार की बड़ी उपलब्धि के रूप में व्यापक स्तर पर प्रचारित करने की भी योजना है। साथ ही पेंशन वितरण में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार रोकने के लिए उठाए गए कदमों को भी जनता के सामने रखा जाएगा।
खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों के साथ भावनात्मक जुड़ाव मजबूत करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। विपक्ष पहले से ही महंगाई और बेरोजगारी को लेकर सरकार पर हमलावर है और सामाजिक सुरक्षा के मुद्दे पर भी सवाल उठाए जाते रहे हैं। ऐसे में सरकार पेंशन बढ़ोतरी को बड़ी राहत के रूप में पेश कर विपक्ष की रणनीति को कमजोर करने की कोशिश में है।