
डिजिटल डेस्क। अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर और टी-20 कप्तान राशिद खान हाल ही में मेरठ पहुंचे, जहां उन्होंने एसजी से बल्ला और अन्य क्रिकेट उपकरण लिए। इस दौरान उन्होंने अपने करियर, सपनों और संघर्षों को खुलकर साझा किया।
राशिद खान ने कहा कि उनका सबसे बड़ा सपना अफगानिस्तान के लिए आईसीसी ट्रॉफी जीतना है। इसके साथ ही उनका दूसरा महत्वपूर्ण लक्ष्य अफगानिस्तान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों का आयोजन कराना है, ताकि देश में क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके और युवाओं को बेहतर अवसर मिलें।
राशिद ने बताया कि बचपन में अपने बड़े भाइयों को टेप बॉल से क्रिकेट खेलते देखकर उन्होंने भी खेलना शुरू किया। भाइयों ने उनके गेंदबाजी कौशल को पहचाना और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। हालांकि, उनके अभिभावक चाहते थे कि वह पढ़-लिखकर डॉक्टर बनें।
इसी वजह से वह कई बार घरवालों से छिपकर क्रिकेट खेलने जाते थे। राशिद ने मुस्कुराते हुए कहा कि यदि वह क्रिकेटर नहीं बन पाते, तो निश्चित रूप से डॉक्टर बनते और लोगों का इलाज करते।
करीब 16-17 वर्ष की आयु में उन्होंने अंडर-19 टीम के लिए ट्रायल दिया और चयनित हो गए। टीम में चयन के बाद उन्होंने यह बात माता-पिता को बताई। पिता शुरू में क्रिकेट के पक्ष में नहीं थे, लेकिन उनकी माता ने पूरा समर्थन दिया। इसके बाद उन्हें अंडर-19 विश्व कप में अफगानिस्तान का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला।
अंडर-19 विश्व कप की यादों को ताजा करते हुए राशिद ने बताया कि वहां ऋषभ पंत के लगाए गए छक्के आज भी उन्हें याद हैं। उस समय पंत एसजी के बल्ले से खेल रहे थे। तभी से राशिद ने भी एसजी का बल्ला इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।
टी-20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन के बाद उनका नाम आईपीएल में आया। राशिद ने बताया कि जब वह पहली बार आईपीएल मैच खेलने मैदान में उतरे तो स्टेडियम में मौजूद दर्शकों की भारी भीड़ और शोर से घबरा गए। पहली ही गेंद पर चौका लगने से उनका आत्मविश्वास डगमगा गया।
लेकिन अगले ही ओवर में एक विकेट मिलते ही उनकी मनःस्थिति पूरी तरह बदल गई। मात्र 10 मिनट में घबराहट आत्मविश्वास में बदल गई। अगले मैच में तीन विकेट लेकर वह ‘मैन ऑफ द मैच’ बने और फिर उनका आत्मविश्वास लगातार बढ़ता गया।
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दबाव झेलने के सवाल पर राशिद ने कहा कि करियर की शुरुआत में दबाव से डर लगता था, लेकिन अब वही दबाव उन्हें प्रेरित करता है। खासकर मैच के आखिरी ओवरों में वह खुद गेंदबाजी करना पसंद करते हैं।
उन्होंने भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली की तारीफ करते हुए कहा कि वह हर तरह की गेंद खेलने में सक्षम हैं, इसलिए हर गेंदबाज की तरह उन्हें भी कोहली के सामने गेंदबाजी करते समय चुनौती महसूस होती है। इसके अलावा उन्होंने हार्दिक पांड्या और अभिषेक शर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी की भी सराहना की।