
डिजिटल डेस्क, मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक सनकी आशिक और हिस्ट्रीशीटर की खौफनाक करतूत सामने आई है। प्यार, जुर्म और इंस्टाग्राम की रील्स से बुनी गई इस कहानी का अंत बेहद दर्दनाक रहा। कंकरखेड़ा के डिफेंस एन्क्लेव स्थित जोनल पार्क में हथियार तस्कर आदित्य प्रधान ने अपनी 17 वर्षीय प्रेमिका को 3 गोलियां मारीं और फिर खुद के सीने में भी 2 गोलियां उतार कर आत्महत्या कर ली।
आदित्य की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल छात्रा सुभारती मेडिकल कॉलेज में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है।
यह प्रेम कहानी कोरोना काल (2022) में इंस्टाग्राम के जरिए शुरू हुई थी। फ्रेंड रिक्वेस्ट से शुरू हुई बातचीत जल्द ही मुलाकातों में बदल गई। साकेत आईटीआई में पढ़ने वाले आदित्य ने अपनी प्रेमिका को महंगे रेस्टोरेंट में घुमाने और शौक पूरे करने के लिए जुर्म का रास्ता चुना। उसने लिसाड़ीगेट के सावेज उर्फ शेरा के साथ मिलकर हथियारों की तस्करी शुरू कर दी।
आदित्य के आपराधिक रवैये की भनक लगने पर छात्रा के परिजनों ने इस रिश्ते का कड़ा विरोध किया। 26 फरवरी 2024 को एक फायरिंग केस में आदित्य जेल चला गया। जमानत पर बाहर आने के बाद सरूरपुर पुलिस ने उसे फिर से हथियार तस्करी में जेल भेज दिया। 13 जून को जब वह जेल से छूटा, तो परिवार के दबाव में छात्रा ने उससे बातचीत पूरी तरह बंद कर दी।
बातचीत बंद होने से बौखलाए आदित्य की मां ने एक सप्ताह पहले छात्रा के घर जाकर शादी का प्रस्ताव रखा था, जिसे छात्रा की मां ने ठुकरा दिया। आदित्य की मां ने धमकी भी दी थी कि अगर यह रिश्ता नहीं हुआ तो आदित्य आत्महत्या कर लेगा। इसके बावजूद छात्रा अपने फैसले पर अडिग रही।
छात्रा की बेरुखी से बौखलाया आदित्य बीते एक हफ्ते से उसका पीछा कर रहा था। बुधवार को जब 12वीं की छात्रा ट्यूशन से लौट रही थी, तो आदित्य ने स्कूटी के आगे बाइक लगाकर उसे रोक लिया। उसने 'आखिरी बार 2 मिनट बात करने' की मिन्नतें कीं। दोनों जोनल पार्क पहुंचे, लेकिन 5 मिनट की बातचीत के बाद ही आदित्य ने पिस्टल निकाली और छात्रा को 3 गोलियां मार दीं। इसके तुरंत बाद उसने खुद को भी खत्म कर लिया।
हथियारों का शौकीन आदित्य सोशल मीडिया पर अपनी 'डॉन' वाली छवि पेश करता था। हाल ही में उसने इंस्टाग्राम पर अपनी प्रेमिका के लिए एक रील पोस्ट की थी, जिसका डायलॉग था- "तेरी आंखों में आंसू नहीं देख सकता... वरना डेली 36 को किनारे लगा दूं।" यह वीडियो इलाके में काफी वायरल हुआ था।
आदित्य सिर्फ एक सिरफिरा आशिक नहीं, बल्कि एक खतरनाक हिस्ट्रीशीटर था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसने अनिल बंजी और कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग तक को हथियार सप्लाई किए थे। फरवरी 2024 में श्रद्धापुरी और अंबेडकर नगर के छात्रों के बीच हुई फायरिंग में वह मुख्य सरगना था। उसी घटना में एक निर्दोष वकील (अजय गोयल) को पीठ में गोली लग गई थी।
आईटीआई में पढ़ाई के दौरान ही वह गुटबाजी और हथियार लेकर चलने का आदी हो चुका था, जिसका अंजाम दो जिंदगियों की तबाही के रूप में सामने आया।