UP में घर बैठे ऑनलाइन बनेगा रेंट एग्रीमेंट, निबंधन विभाग ने शुरू की डिजिटल स्टांपिंग और ई-केवाईसी की नई व्यवस्था
रेंट एग्रीमेंट की समस्या को खत्म करते हुए उत्तर प्रदेश निबंधन विभाग ने जनता को घर बैठे ही ऑनलाइन किराया अनुबंध तैयार करने और डिजिटल स्टांपिंग की एक बे ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 05 Jun 2026 02:50:58 PM (IST)Updated Date: Fri, 05 Jun 2026 02:50:58 PM (IST)
12 महीने के रेंट एग्रीमेंट अब ऑनलाइन मिलेंगे।HighLights
- उत्तर प्रदेश में 12 महीने के रेंट एग्रीमेंट अब ऑनलाइन मिलेंगे
- ₹500 न्यूनतम स्टांप शुल्क पर डिजिटल स्टांपिंग की सुविधा
- e-KYC सत्यापन के बाद विधिक रूप से वैध होगा दस्तावेज
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश के निवासियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। राज्य में अब तक 12 महीने तक की समय सीमा वाले किराया अनुबंधों (Rent Agreements) में लोग अक्सर मनमाना स्टांप शुल्क अदा करते थे, जिसके चलते न्यायालयों या अन्य स्थानों पर इन दस्तावेजों को वैध दस्तावेज के रूप में मान्यता नहीं मिलती थी। इस समस्या को खत्म करते हुए उत्तर प्रदेश निबंधन विभाग ने जनता को घर बैठे ही ऑनलाइन किराया अनुबंध तैयार करने और डिजिटल स्टांपिंग की एक बेहद सुलभ व्यवस्था शुरू कर दी है।
इस संबंध में महानिरीक्षक निबंधन द्वारा आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। विभागीय पोर्टल से प्राप्त होने वाला यह नया डिजिटल दस्तावेज पूरी तरह विधिक और अधिकृत माना जाएगा।
रेंट एग्रीमेंट का नया डिजिटल नियम
सहायक महानिरीक्षक निबंधन शर्मा नवीन कुमार एस ने इस नई कूट व्यवस्था के विधिक नियमों की विस्तृत जानकारी साझा की है:
- पात्रता और सीमा: उत्तर प्रदेश सरकार ने 12 महीने तक की समयसीमा वाले और ₹10 लाख से कम की कुल किराया राशि वाले अनुबंधों के लिए यह ऑनलाइन विन्यास तैयार किया है।
- न्यूनतम शुल्क: ऐसे किराया अनुबंधों को अब न्यूनतम ₹500 का स्टांप शुल्क ऑनलाइन अदा करके विभागीय रिकॉर्ड में विधिक रूप से दर्ज कराया जा सकेगा।
- ई-केवाईसी (e-KYC) सत्यापन: विभागीय पोर्टल पर जाकर मकान मालिक और किरायेदार, दोनों पक्षों का पूरा विवरण दर्ज करना होगा, जिसके बाद दोनों का ई-केवाईसी सत्यापन किया जाएगा।
- स्वतः गणना (Auto Calculation): पोर्टल पर जैसे ही अनुबंध की अवधि, मासिक किराया और अन्य कूट विवरण दर्ज किए जाएंगे, Stamp And Registration Department, Uttar Pradesh का सिस्टम खुद-ब-खुद देय स्टांप शुल्क की गणना कर देगा।
- सदा सुरक्षित रिकॉर्ड: ऑनलाइन भुगतान सफल होने के बाद डिजिटल स्टांपिंग युक्त रेंट एग्रीमेंट का प्रिंट तुरंत उपलब्ध हो जाएगा। यह दस्तावेज सरकारी पोर्टल पर हमेशा के लिए सुरक्षित रहेगा, जिसे जरूरत पड़ने पर कभी भी डाउनलोड किया जा सकता है।
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
न्यायालय के अधिवक्ता हरिप्रताप भारद्वाज के अनुसार, 11 महीने तक की अवधि वाले रेंट एग्रीमेंट को पंजीकृत कराने की बाध्यता नहीं होती और लोग नोटरी के माध्यम से इसका उपयोग कर लेते हैं। हालांकि, जैसे ही समय सीमा 11 महीने को पार करती है, दस्तावेज का पंजीकरण अनिवार्य हो जाता है। निबंधन विभाग का यह नया पोर्टल आम जनता को बिचौलियों और कूट धोखाधड़ी से बचाएगा। अब घर बैठे बनने वाला यह डिजिटल स्टांप युक्त दस्तावेज अदालतों और अन्य सरकारी संस्थाओं में पूरी तरह विधिक साक्ष्य के रूप में स्वीकार्य और अधिकृत होगा।