जेल जाने से बचने के लिए बर्खास्त सिपाही ने रची खौफनाक साजिश, भिखारी को जिंदा जलाया; ऐसे खुला राज
हाथरस में एक भिखारी की नृशंस हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए जीआरपी ने एक ऐसे सनसनीखेज साजिश का पर्दाफाश किया है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है। इस मर्डर मिस्ट ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 17 Apr 2026 02:31:42 PM (IST)Updated Date: Fri, 17 Apr 2026 02:31:42 PM (IST)
बर्खास्त सिपाही ने जिंदा जला दिया भिखारी, गिरफ्तार (सांकेतिक तस्वीर)HighLights
- बर्खास्त सिपाही ने रची खौफनाक साजिश
- हाथरस में जिंदा जला दिया भिखारी
- सिपाही पर 24 गंभीर मुकदमे दर्ज थे
डिजिटल डेस्क। हाथरस में एक भिखारी की नृशंस हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए जीआरपी ने एक ऐसे सनसनीखेज साजिश का पर्दाफाश किया है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है। इस मर्डर मिस्ट्री का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि जीआरपी का ही बर्खास्त सिपाही रामवीर निकला। उसने खुद को कानून की नजरों में मुर्दा साबित करने के लिए एक बेगुनाह भिखारी को जिंदा जलाकर मार डाला।
साजिश के पीछे का मकसद क्या था?
मैनपुरी निवासी रामवीर एक शातिर अपराधी बन चुका था। अलीगढ़, फिरोजाबाद और मुरादाबाद के 13 थानों में उसके खिलाफ लूट और चोरी जैसे 24 गंभीर मुकदमे दर्ज थे। इन मुकदमों और जेल जाने के डर से बचने के लिए उसने अपनी मौत का झूठा नाटक रचने की योजना बनाई। उसने जानबूझकर एक ऐसे अज्ञात भिखारी को चुना जिसकी पहचान करने वाला कोई न हो, ताकि उसकी हत्या के बाद कोई पैरवी न कर सके।
वारदात को ऐसे दिया अंजाम
12 मार्च को हाथरस रोड हॉल्ट स्टेशन के टिन शेड में रामवीर ने भिखारी को जिंदा जला दिया। पहचान मिटाने के लिए शव को बुरी तरह जलाया गया और सोची-समझी रणनीति के तहत शव के पास अपना मोबाइल, आधार कार्ड और अन्य निजी दस्तावेज छोड़ दिए। उसका मकसद पुलिस को गुमराह करना था कि जलने वाला व्यक्ति खुद रामवीर ही है।
कैसे खुला राज?
जांच के दौरान जीआरपी हाथरस सिटी को घटनास्थल पर मिले जले हुए मोबाइल और दस्तावेजों पर संदेह हुआ। पुलिस ने जब रामवीर की लोकेशन ट्रेस की, तो वह वारदात के समय घटनास्थल के आसपास ही पाया गया। एसआई सुयश सिंह चंदेल के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल सिम की जांच के आधार पर 14 अप्रैल को रामवीर को गिरफ्तार कर लिया।