• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • शारदीय नवरात्रि
  • होम
  • विदेश

ब्रिटेन के आसमान में बिखरी अद्भुत छटा, सौर तूफान के बाद दिखा 'नॉर्दर्न लाइट्स' का दुर्लभ नजारा, देखें तस्वीरें

सूरज में हुई तेज हलचलों की वजह से अंतरिक्ष में बने इस दृश्य को 'ऑरोरा बोरेलिस' या 'नॉर्दर्न लाइट्स' कहा जाता है। रात के अंधेरे में आसमान में तैरती इस ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Sat, 17 Oct 2026 04:18:59 PM (IST)Updated Date: Sat, 17 Oct 2026 04:18:59 PM (IST)
ब्रिटेन के आसमान में बिखरी अद्भुत छटा, सौर तूफान के बाद दिखा 'नॉर्दर्न लाइट्स' का दुर्लभ नजारा, देखें तस्वीरें
सौर तूफान के बाद दिखा 'नॉर्दर्न लाइट्स' का दुर्लभ नजारा

HighLights

  1. ब्रिटेन के आसमान में प्रकृति का अनोखा जादू
  2. अचानक रंगीन हुआ रात का आसमान
  3. सुदूर दक्षिण तक दिखा 'ऑरोरा बोरेलिस' का दुर्लभ मैजिक

डिजिटल डेस्क, लंदन। शुक्रवार और शनिवार की रात ब्रिटेन का आसमान एक अनूठे और अलौकिक दृश्य से सराबोर हो उठा। सूरज में हुई तेज हलचलों की वजह से अंतरिक्ष में बने इस दृश्य को 'ऑरोरा बोरेलिस' या 'नॉर्दर्न लाइट्स' कहा जाता है। रात के अंधेरे में आसमान में तैरती इस बहुरंगी रोशनी को देखकर स्थानीय निवासी हैरान रह गए।

सामान्य तौर पर यह जगमगाती रोशनी केवल आर्कटिक सर्कल, उत्तरी ध्रुव और उत्तरी स्कॉटलैंड के आसपास के ध्रुवीय क्षेत्रों तक ही सीमित रहती है। लेकिन इस बार सौर तूफान की शक्ति इतनी प्रचंड थी कि इसका प्रभाव न केवल वेल्स बल्कि ब्रिटेन के चरम दक्षिणी हिस्सों तक साफ दिखाई दिया। शनिवार रात डेवॉन, हैंपशायर और केंट जैसे दक्षिणी काउंटी के निवासियों ने भी इस दुर्लभ खगोलीय घटना का आनंद लिया।


naidunia_image

आकाश में कैसे निर्मित होती है यह जादुई रोशनी?

ऑरोरा बोरेलिस का निर्माण सूर्य की सतह पर होने वाले विशालकाय सौर विस्फोटों (कोरोनल मास इजेक्शन) के कारण होता है। हाल ही में सूर्य से निकले आवेशित कणों (चार्ज्ड पार्टिकल्स) का एक शक्तिशाली प्रवाह सीधे पृथ्वी के वायुमंडल की ओर बढ़ा।

जब ये सौर कण पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र (मैग्नेटिक फील्ड) के संपर्क में आकर ऊपरी वायुमंडल में मौजूद ऑक्सीजन और नाइट्रोजन गैस के अणुओं से टकराते हैं, तो इस रासायनिक प्रतिक्रिया से हरे, बैंगनी और लाल रंग की चमकदार किरणें आकाश में नाचती हुई प्रतीत होती हैं।

naidunia_image

यह भी पढ़ें- कभी लोगों का पेट भरने के लिए बना था ये महल! आज देश का सबसे मशहूर वेडिंग डेस्टिनेशन, जानें कीमत

इस बार इतना व्यापक क्यों दिखा यह नजारा?

किसी भी भौगोलिक क्षेत्र में ऑरोरा के दिखाई देने की संभावना उसकी चुंबकीय तीव्रता पर निर्भर करती है। आमतौर पर जब यह तीव्रता 200 नैनोटेस्ला (nT) के आसपास होती है, तो यह केवल उत्तरी ब्रिटेन तक ही सीमित रहता है।

हालांकि, शनिवार की शाम इसकी तीव्रता बढ़कर 600 नैनोटेस्ला तक पहुंच गई। इसी वजह से यह दुर्लभ घटना पूरे ब्रिटेन में व्यापक रूप से दिखाई दी।