डिजिटल डेस्क, काठमांडू। नेपाल में बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद हालात अभी सामान्य भी नहीं हुए हैं कि एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। तिब्बत सीमा के पास हिमस्खलन से बनी एक झील में पानी का स्तर लगातार बढ़ने के बाद नेपाली अधिकारियों ने शुक्रवार को नई चेतावनी जारी की है।
आशंका है कि झील के टूटने पर भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्रों में दोबारा अचानक बाढ़ आ सकती है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 469 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 977 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
एक बार फिर बढ़ा बाढ़ का खतरा
तीसरे दिन भी नेपाल के प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान जारी रहा। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने शुक्रवार को जारी चेतावनी में कहा कि बुधवार को जिस क्षेत्र में अचानक बाढ़ आई थी, वहां अब कीचड़युक्त पानी का स्तर फिर बढ़ रहा है। इससे आसपास के इलाकों में एक और बाढ़ की आशंका पैदा हो गई है।
लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह
अथॉरिटी ने राहत एवं बचाव कार्य में जुटे सुरक्षाकर्मियों के साथ-साथ भोटेकोशी और त्रिशूली क्षेत्र में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। अधिकारियों ने लोगों से खतरे के संकेत मिलते ही बिना देरी किए सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की अपील की है। नेपाल पुलिस ने भी तिब्बत की ओर एक जल अवरोधक के दोबारा टूटने की सूचना मिलने के बाद अलर्ट जारी किया है।
आठ जिलों से बरामद हुए शव
नेपाल पुलिस के अनुसार, आपदा के बाद आठ जिलों से बड़ी संख्या में शव बरामद किए गए हैं। इनमें चितवन से 178, नवलपरासी ईस्ट से 110, गोरखा से 44, नुवाकोट से 37 और धाडिंग से 33 शव शामिल हैं। इसके अलावा तनाहु से 28, नवलपरासी वेस्ट से 27 और रसुवा से 12 शव बरामद किए गए हैं। पड़ोसी तिब्बत में भी तीन लोगों की मौत की सूचना सामने आई है।
करीब एक हजार लोग अब भी लापता
बुधवार सुबह रसुवा और मध्य नेपाल के आसपास के इलाकों में आई बाढ़ के बाद से 977 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। लापता लोगों में 86 सुरक्षाकर्मी, 517 विदेशी पर्यटक और 127 नेपाली यात्री शामिल हैं।अब तक प्रभावित क्षेत्रों से 1,545 घायल और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
इनमें से 84 लोगों का काठमांडू के विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है। अस्पतालों में बड़ी संख्या में परिजन अपने लापता रिश्तेदारों की जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
7,451 सुरक्षाकर्मी राहत अभियान में जुटे
नेपाल सरकार ने राहत और बचाव अभियान को तेज कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, अभियान में कुल 7,451 सुरक्षाकर्मियों को लगाया गया है। इनमें नेपाल सेना के 2,391 जवान भी शामिल हैं। दुर्गम और कटे हुए इलाकों तक पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। वहीं, जमीनी टीमें नदी के किनारों और बाढ़ के बहाव से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं।
चीन ने भी जारी किया लेवल-IV अलर्ट
इस बीच तिब्बत की ओर बनी नई बैरियर झील ने चिंता और बढ़ा दी है। चीन ने गुरुवार देर रात प्राकृतिक आपदा के लिए लेवल-IV अलर्ट जारी किया। चीन के मुताबिक, छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास एक बड़ी झीलनुमा जलराशि बन गई है।
चीनी अधिकारियों ने नेपाल को बताया है कि इस झील में फिलहाल करीब 20 लाख घन मीटर पानी जमा है। अगले तीन दिनों में इसमें करीब 30 लाख घन मीटर अतिरिक्त पानी पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में झील के टूटने की स्थिति में नेपाल के निचले इलाकों में अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
नेपाल के जल एवं मौसम विज्ञान विभाग ने भी नेपाल-चीन सीमा के पास बनी इस बैरियर झील को लेकर भोटेकोशी नदी के निचले क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी की है।
29 अगस्त से परीक्षाएं स्थगित
विनाशकारी बाढ़ से पैदा हुए हालात को देखते हुए नेपाल सरकार ने 29 अगस्त से होने वाली सभी परीक्षाओं को स्थगित करने का निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में छात्रों और कर्मचारियों की आवाजाही प्रभावित है और कई इलाके अभी भी संपर्क से कटे हुए हैं।
नेपाल में राहत एवं बचाव अभियान के बीच अब प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती नई बाढ़ की आशंका से निपटना और दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचना है।