ईरानी अखबार में छपी कथित 'किल लिस्ट', ट्रंप, नेतन्याहू, मैक्रों और मेलोनी समेत कई वैश्विक नेताओं के नाम
ईरान के एक समाचार पत्र में कथित तौर पर ऐसे वैश्विक नेताओं की सूची प्रकाशित की गई है, जिन्हें अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का जिम्मेदार बताते हुए निशान...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 13 Jul 2026 03:23:58 PM (IST)Updated Date: Mon, 13 Jul 2026 03:24:37 PM (IST)
HighLights
- पोस्टर के साथ प्रकाशित हुई धमकी भरी हेडलाइन
- अली खामेनेई की मौत का बदला लेने का किया दावा
- इस कथित सूची को लेकर बढ़ी अंतरराष्ट्रीय चिंता
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच एक नया विवाद सामने आया है। ईरान के एक समाचार पत्र में कथित तौर पर ऐसे वैश्विक नेताओं की सूची प्रकाशित की गई है, जिन्हें अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का जिम्मेदार बताते हुए निशाना बनाए जाने की बात कही गई है।
इस प्रकाशन के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी चर्चा तेज हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की राजधानी तेहरान से प्रकाशित होने वाले हमशहरी अखबार में एक ग्राफिक पोस्टर छापा गया है।
'अचानक मौत के लिए तैयार रहना चाहिए'
अखबार की इस रिपोर्ट में अमेरिका, इजरायल और यूरोप के कई प्रमुख नेताओं की तस्वीरें प्रकाशित की गई हैं। पोस्टर के साथ एक उकसाने वाली हेडलाइन भी दी गई है, जिसका अर्थ है कि संबंधित नेताओं को 'अचानक मौत के लिए तैयार रहना चाहिए।'
'बदला हमारे देश की इच्छा है और इसे पूरा किया जाएगा'
अखबार में प्रकाशित सामग्री के साथ अली खामेनेई के पुत्र मोजतबा खामेनेई का एक बयान भी शामिल किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, बयान में कहा गया है कि 'बदला हमारे देश की इच्छा है और इसे पूरा किया जाएगा।' बताया जा रहा है कि यह बयान उनके पिता के अंतिम संस्कार के बाद दिया गया था।
इन नेताओं के नाम शामिल
कथित सूची में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, इजरायल में अमेरिका के राजदूत माइक हकाबी, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के नाम और तस्वीरें प्रकाशित की गई हैं।
संबंधित देशों की ओर से अभी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई
अखबार में इन सभी नेताओं को अली खामेनेई की हत्या के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ प्रतिशोध लेने की बात कही गई है। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया गया है और न ही संबंधित देशों की ओर से इस प्रकाशन पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति पहले से ही बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है और अमेरिका-ईरान संबंधों में लगातार तल्खी देखने को मिल रही है।