अमेरिकी सेना में शामिल होने वाला है 'सबसे खतरनाक प्लेन' F-47, क्या है इसकी खासियत?
अमेरिकी वायुसेना जल्द ही अपनी ताकत में अभूतपूर्व इजाफा करने जा रही है। छठी पीढ़ी (6th Generation) का स्टील्थ फाइटर जेट F-47 जल्द ही अमेरिकी बेड़े का हि ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 22 Jan 2026 05:10:07 PM (IST)Updated Date: Thu, 22 Jan 2026 05:10:07 PM (IST)
अमेरिकी सेना में शामिल होने वाला है 'सबसे खतरनाक प्लेन' F-47HighLights
- छठी पीढ़ी का स्टील्थ जेट F-47, ड्रोन की फौज के साथ करेगा हमला
- 47वें राष्ट्रपति ने जेट के नाम पर ली चुटकी, बताया दुनिया का सबसे घातक प्लेन
- चीन की चुनौती से निपटने के लिए बोइंग को मिला 185 विमानों का ऑर्डर
डिजिटल डेस्क। अमेरिकी वायुसेना जल्द ही अपनी ताकत में अभूतपूर्व इजाफा करने जा रही है। छठी पीढ़ी (6th Generation) का स्टील्थ फाइटर जेट F-47 जल्द ही अमेरिकी बेड़े का हिस्सा बनेगा। स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित 'वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम' (WEF) में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे अब तक का "सबसे खतरनाक प्लेन" करार दिया। दिलचस्प बात यह रही कि ट्रंप ने इसके नाम "47" पर चुटकी लेते हुए कहा कि यदि उन्हें यह पसंद नहीं आया, तो वे इसे बदल भी सकते हैं।
क्यों है यह 'सबसे खतरनाक' प्लेन? (Key Features)
F-47 केवल एक विमान नहीं, बल्कि भविष्य के युद्धों के लिए तैयार एक उड़ता हुआ कंप्यूटर है। इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएं इसे अद्वितीय बनाती हैं...
- एडवांस स्टील्थ तकनीक: इसकी बनावट ऐसी है कि रडार की नजरों से यह लगभग ओझल रहता है।
- कैनार्ड डिजाइन: कॉकपिट के पास छोटे पंख (Canards) इसे हवा में सटीक मोड़ और अद्भुत पैंतरेबाजी (Maneuverability) की शक्ति देते हैं।
- ड्रोन के साथ तालमेल: यह अकेला नहीं लड़ेगा। यह 'कोलैबोरेटिव कॉम्बैट एयरक्राफ्ट' (CCA) यानी ऑटोनॉमस ड्रोन्स की एक फौज के साथ मिलकर मिशन को अंजाम देगा।
- फ्यूचरिस्टिक एयरोडायनामिक्स: इसमें बोइंग के 'YF-118G बर्ड ऑफ प्रे' से प्रेरित घुमावदार नाक और एंगल्ड विंग्स का उपयोग किया गया है।
- लंबी दूरी का प्रहार: इसे लंबी दूरी की मिसाइलों से लैस किया गया है, जो दुश्मन को नजर आने से पहले ही ढेर कर सकता है।
वायुसेना का मास्टर प्लान
अमेरिकी वायुसेना ने मार्च 2025 में इस जेट को बनाने का जिम्मा बोइंग (Boeing) को सौंपा था।
- लक्ष्य: पैसिफिक क्षेत्र में चीन जैसी महाशक्तियों के साथ संभावित टकराव में हवाई श्रेष्ठता बनाए रखना।
- संख्या: वायुसेना कम से कम 185 F-47 विमान खरीदने की योजना बना रही है।
- समयसीमा: इस दशक के अंत तक पहला जेट ऑपरेशनल सर्विस में आने की उम्मीद है।
नाम के पीछे का रहस्य: क्यों है यह "47"?
विमान के नाम के पीछे तीन प्रमुख ऐतिहासिक और राजनीतिक संदर्भ दिए जा रहे हैं...
- ऐतिहासिक विरासत: दूसरे विश्व युद्ध के मशहूर P-47 थंडरबोल्ट फाइटर को सम्मान देने के लिए, जिसका नाम बाद में F-47 कर दिया गया था।
- स्वतंत्रता का वर्ष: साल 1947, जब अमेरिकी वायुसेना (USAF) को एक स्वतंत्र सेना के रूप में स्थापित किया गया था।
- ट्रंप कनेक्शन: यह डोनाल्ड ट्रंप की ओर भी एक संकेत है, जो अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभाल रहे हैं।
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