12 की उम्र में बनाया प्लेन, 14 में उड़ाया... मिलिए साबरीना से, जिन्हें कहा जा रहा है 'अगला अल्बर्ट आइंस्टीन'
क्या आज के दौर में कोई ऐसा दिमाग हो सकता है जो अल्बर्ट आइंस्टीन और स्टीफन हॉकिंग की विरासत को आगे बढ़ा सके? दुनिया के दिग्गज वैज्ञानिकों का मानना है क ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 21 Jan 2026 05:09:17 PM (IST)Updated Date: Wed, 21 Jan 2026 05:09:17 PM (IST)
मिलिए साबरीना से, जिन्हें कहा जा रहा है 'अगला अल्बर्ट आइंस्टीन'HighLights
- 12 साल की उम्र में बनाया खुद का प्लेन, 14 में भरी आसमान में उड़ान
- साबरीना की रिसर्च को स्टीफन हॉकिंग ने भी दी अपनी मान्यता
- विज्ञान के लिए ठुकराया करोड़ों का ऑफर, अब कर रहीं ब्रह्मांड पर खोज
डिजिटल डेस्क। क्या आज के दौर में कोई ऐसा दिमाग हो सकता है जो अल्बर्ट आइंस्टीन और स्टीफन हॉकिंग की विरासत को आगे बढ़ा सके? दुनिया के दिग्गज वैज्ञानिकों का मानना है कि 32 वर्षीय साबरीना गोंजालेज (Sabrina Gonzalez) पास्टरस्की वही शख्सियत हैं। साबरीना न केवल भौतिकी की सबसे जटिल गुत्थियों को सुलझा रही हैं, बल्कि उन्होंने विज्ञान के प्रति अपने जुनून के लिए करोड़ों के ऑफर को भी ठुकरा दिया है।
बचपन से ही था 'जीनियस' का परिचय
1993 में शिकागो में जन्मी साबरीना की प्रतिभा बचपन में ही दुनिया के सामने आ गई थी।
- नन्हा इंजीनियर: महज 12 साल की उम्र में उन्होंने अपना खुद का सिंगल-इंजन प्लेन बनाना शुरू कर दिया था।
- हवाई उड़ान: 14 साल की उम्र में संघीय विमानन प्रशासन (FAA) से अनुमति लेकर उन्होंने खुद के बनाए प्लेन को उड़ाकर सबको हैरान कर दिया।
- MIT और हार्वर्ड: उन्होंने MIT से 5.0 GPA के साथ ग्रेजुएशन किया और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से अपनी पीएचडी पूरी की।
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जब स्टीफन हॉकिंग भी हुए उनकी रिसर्च के कायल
साबरीना की प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके रिसर्च पेपर को महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग ने अपने कार्यों में साइट (Cite) किया था। उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर 'स्पिन मेमोरी इफेक्ट' की खोज की, जो भौतिकी की दुनिया में एक मील का पत्थर माना जाता है।
करोड़ों का ऑफर ठुकराकर चुना रिसर्च का रास्ता
2021 में ब्राउन यूनिवर्सिटी ने साबरीना को असिस्टेंट प्रोफेसर बनाने के लिए 1.1 मिलियन डॉलर (करीब 9 करोड़ रुपये) के पैकेज की पेशकश की थी। लेकिन साबरीना ने इसे ठुकरा दिया। उनका लक्ष्य पैसा कमाना नहीं, बल्कि ब्रह्मांड के रहस्यों को खोजना है। वर्तमान में वह कनाडा के प्रतिष्ठित Perimeter Institute for Theoretical Physics में सबसे कम उम्र की फैकल्टी के रूप में सेवा दे रही हैं।
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ब्रह्मांड को 'होलोग्राम' की तरह समझने की कोशिश
साबरीना इस समय 'सेलेस्टियल होलोग्राफी इनीशिएटिव' (Celestial Holography Initiative) का नेतृत्व कर रही हैं।
- थीम: यह रिसर्च इस संभावना पर काम करती है कि हमारा 3D ब्रह्मांड वास्तव में एक 2D सतह पर एन्कोडेड जानकारी हो सकता है।
- क्षेत्र: वह ब्लैक होल्स, स्पेसटाइम, क्वांटम ग्रेविटी और एस-मैट्रिक्स जैसे विषयों की विशेषज्ञ (High-energy theorist) हैं।
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