
डिजिटल डेस्क। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान राजधानी तेहरान में बड़ी संख्या में लोग जुटे। राजकीय शोक समारोह के बीच अमेरिका और इजरायल के खिलाफ तीखी नाराजगी भी देखने को मिली। कार्यक्रम में मौजूद एक कलाकार ने बिना किसी का नाम लिए उस व्यक्ति की मौत की मांग की, जिसे उसने अपने "इमाम का हत्यारा" बताया। उसके बयान पर मौजूद भीड़ ने तालियों और नारों के साथ प्रतिक्रिया दी।
ट्रंप और नेतन्याहू विरोधी पोस्टर भी दिखे
अंतिम संस्कार के दौरान कई जगह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ पोस्टर, बैनर और भित्तिचित्र लगाए गए थे। समारोह में शामिल लोगों ने "अमेरिका मुर्दाबाद" और "इजरायल मुर्दाबाद" के नारे भी लगाए।
कवि के बयान पर गूंजी भीड़
समारोह में कवि मोहम्मद रसौली ने संबोधन के दौरान बिना नाम लिए ट्रंप पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "दुनिया का सबसे नीच आदमी अभी भी जीवित क्यों है?" उनके इतना कहते ही भीड़ ने अमेरिका और इजरायल विरोधी नारे लगाने शुरू कर दिए। इसके बाद रसौली ने कहा कि ऐसे व्यक्ति के लिए अब दुनिया में कोई जगह नहीं बची है, जिस पर उपस्थित लोगों ने जोरदार तालियां बजाईं।
शिया धर्मगुरु ने कराई अंतिम प्रार्थना
तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में 97 वर्षीय शिया धर्मगुरु अयातुल्ला जाफर सोभानी ने अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों के लिए अंतिम प्रार्थना कराई। इस दौरान ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलीबाफ, रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख जनरल अहमद वाहिदी, कुद्स फोर्स के कमांडर इस्माइल कानी और खामेनेई के बेटे मसूद, मेसम और मुस्तफा भी मौजूद रहे।