बांग्लादेश में 'BJP' का भी खुला खाता, एक सीट पर दर्ज की जीत, 105543 वोट पाकर बढ़ाई हलचल
Bangladesh Election 2026: बांग्लादेश के 13वें आम चुनावों के घोषित परिणामों ने देश की भावी राजनीति की तस्वीर साफ कर दी है। निर्वाचन आयोग (EC) द्वारा 29 ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 15 Feb 2026 05:43:32 PM (IST)Updated Date: Sun, 15 Feb 2026 06:08:37 PM (IST)
बांग्लादेश में 'BJP' का भी खुला खाता।HighLights
- बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन की लहर
- बीएनपी ने अकेले जीतीं 209 सीटें
- जमात-ए-इस्लामी को मिलीं 68 सीटें
डिजिटल डेस्क। बांग्लादेश के 13वें आम चुनावों के घोषित परिणामों ने देश की भावी राजनीति की तस्वीर साफ कर दी है। निर्वाचन आयोग (EC) द्वारा 297 सीटों पर जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और उसके सहयोगी दलों ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए कुल 212 सीटों पर कब्जा जमाया है। इस चुनाव में अकेले बीएनपी ने 209 सीटें जीतकर अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है।
बीएनपी गठबंधन का दबदबा
चुनाव आयोग के अनुसार, बीएनपी के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल अन्य छोटे दलों को भी सफलता मिली है। गणोसम्हति आंदोलन, बांग्लादेश जातीय पार्टी (बीजेपी) और गोनो ओधिकार परिषद ने एक-एक सीट पर जीत हासिल की है। वहीं, दूसरी ओर जमात-ए-इस्लामी और उसके सहयोगियों ने मिलकर 77 सीटों पर जीत दर्ज की, जिसमें अकेले जमात के खाते में 68 सीटें आई हैं। नवनिर्मित नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) ने भी छह सीटों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
अंदलीव रहमान पार्थो की 'भोला' में जीत
इस चुनाव के सबसे चर्चित परिणामों में से एक बांग्लादेश जातीय पार्टी (BJP) के अध्यक्ष अंदलीव रहमान पार्थो की जीत रही। उन्होंने भोला-1 निर्वाचन क्षेत्र से 1,05,543 वोट पाकर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी, जमात-ए-इस्लामी के मोहम्मद नजरुल इस्लाम (75,337 वोट) को भारी अंतर से हराया।
पार्थो ने अपनी जीत के बाद भोला क्षेत्र के विकास के लिए अपना विजन दोहराया। उन्होंने चुनावी वादों में भोला को दक्षिण का 'तिलोत्तमा' (एक आधुनिक और सुंदर शहर) बनाने का संकल्प लिया है। उनके मुख्य एजेंडे में शामिल हैं:
- भोला-बरिशाल पुल परियोजना का निर्माण।
- क्षेत्र में एक नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना।
- हर घर में गैस कनेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
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चुनावी आंकड़ों पर एक नजर
12 फरवरी को हुए मतदान में इस बार कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली:
- कुल उम्मीदवार: 50 राजनीतिक दलों के 2,028 उम्मीदवार (273 निर्दलीय सहित)।
- बीएनपी की भागीदारी: सबसे अधिक 291 उम्मीदवारों के साथ चुनावी मैदान में।
- महिला शक्ति: कुल 83 महिला उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई।
विशेषज्ञों का मानना है कि बीएनपी गठबंधन की यह भारी जीत देश में सत्ता परिवर्तन के साथ-साथ विकास की नई उम्मीदें लेकर आई है। अब सभी की निगाहें नई सरकार के गठन और उनके द्वारा किए जाने वाले प्रशासनिक सुधारों पर टिकी हैं।