
डिजिटल डेस्क। टैक्स के कड़े नियमों और प्रॉपर्टी के झंझटों से बचने के लिए लोग अक्सर राज्य या देश बदलते हैं, लेकिन माइक्रोसॉफ्ट के एक पूर्व दिग्गज इंजीनियर ने दशकों पहले बिल्कुल अनोखा रास्ता चुना। माइक्रोसॉफ्ट वर्ड (Microsoft Word) और एक्सेल (Excel) के चीफ आर्किटेक्ट चार्ल्स सिमोन्यी ने जमीन पर आलीशान बंगला खरीदने के बजाय समंदर पर तैरता हुआ आशियाना बना लिया। लगभग 60 हजार करोड़ रुपये (7.2 बिलियन डॉलर) की संपत्ति के मालिक सिमोन्यी का यह फॉर्मूला आज के दौर में फिर चर्चा में है।
1990 के दशक में सिमोन्यी जब मोंटे कार्लो और कोपेनहेगन जैसी प्राइम लोकेशंस पर घर तलाश रहे थे, तो भारी प्रॉपर्टी टैक्स और कड़े लोकल नियमों ने उन्हें परेशान कर दिया। इससे बचने के लिए उन्होंने जर्मन शिपयार्ड 'लुरसेन' से 233 फीट लंबी एक सुपरयॉट तैयार करवाई, जिसे 'स्काट' (Skat) नाम दिया गया। साल 2002 में मिली इस यॉट पर वे साल के 6 महीने बिताते थे और यहीं से अपना ऑफिस भी चलाते थे। गतिशीलता (Mobility) के कारण वे किसी भी देश के स्थानीय प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे में नहीं आए और बिना टैक्स दिए दुनिया के सबसे महंगे वॉटरफ्रंट्स का लुत्फ उठाया।
सिमोन्यी को घुमावदार यॉट्स पसंद नहीं थीं, इसलिए उन्होंने इसे मिलिट्री लुक में तीखे किनारों और गहरे ग्रे रंग के साथ ठोस स्टील से डिजाइन करवाया। यह दिखने में इतनी आक्रामक और हूबहू नेवी शिप जैसी थी कि एक बार अधिकारी इसे असली युद्धपोत समझ बैठे थे। हालांकि, बाहर से रफ दिखने वाली इस यॉट के अंदर हैलीपैड, लग्जरी आर्ट गैलरी और बेहद शांत केबिन जैसी आलीशान सुविधाएं थीं।
साल 2026 में जब अमेरिका के कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क जैसे राज्यों में अमीरों पर 5% 'वेल्थ टैक्स' लगाने की बहस छिड़ी है, तब सिमोन्यी का यह दशकों पुराना फॉर्मूला फिर प्रासंगिक हो गया है। दिलचस्प बात यह है कि 2021 में 'स्काट' को बेचने के बाद भी सिमोन्यी जमीन पर नहीं लौटे, उन्होंने 250 मिलियन डॉलर की एक और बड़ी सुपरयॉट 'नॉर्न' (Norn) खरीद ली।
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