एक फूल की शिकायत ने खोला 67 हजार 'भूतिया दुकानों' का राज, 7 दिग्गज कंपनियों पर 44,000 करोड़ का जुर्माना
चीन ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी में 67,000 घोस्ट वेंडर्स और असुरक्षित खाने के घोटाले पर 7 कंपनियों पर 44,000 करोड़ का जुर्माना लगाया है। यह 'डार्क किचन' की ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 27 Apr 2026 03:09:21 PM (IST)Updated Date: Mon, 27 Apr 2026 03:09:21 PM (IST)
चीन में ऑनलाइन फूड स्कैम का भंडाफोड़ (फाइल फोटो)HighLights
- चीन में 67,000 फर्जी ऑनलाइन दुकानों का खुलासा, 7 कंपनियों पर भारी जुर्माना
- प्लास्टिक के फूल वाली एक शिकायत ने खोला अरबों रुपये का फूड डिलीवरी घोटाला
- फोटोशॉप की गई तस्वीरों और नकली लाइसेंस से लाखों ग्राहकों को दिया गया धोखा
डिजिटल डेस्क। चीन के फूड डिलीवरी सेक्टर में एक ऐसा 'अदृश्य' घोटाला सामने आया है जिसने तकनीक और भरोसे की नींव हिला दी है। एक प्लास्टिक के फूल वाली मामूली शिकायत ने जब जांच का रूप लिया, तो 67 हजार ऐसी दुकानों का सच सामने आया जिनका हकीकत में कोई अस्तित्व ही नहीं था। प्रशासन ने इस मामले में कठोर रुख अपनाते हुए 7 प्रमुख डिलीवरी कंपनियों पर 44,000 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक जुर्माना ठोका है।
एक केक और प्लास्टिक के फूल: ऐसे खुला राज
इस घोटाले की शुरुआत एक ग्राहक की शिकायत से हुई, जिसने ऑनलाइन केक ऑर्डर किया था। केक खाने के दौरान ग्राहक ने पाया कि सजावट के लिए इस्तेमाल किए गए फूल असली नहीं, बल्कि प्लास्टिक के थे। जब अधिकारियों ने उस दुकान के पते की जांच की, तो वहां कोई रेस्तरां मिला ही नहीं। यहीं से 'घोस्ट वेंडर्स' (Ghost Vendors) के एक विशाल नेटवर्क का खुलासा हुआ।
कैसे काम करता था यह 'भूतिया' नेटवर्क?
जांच में पता चला कि ये 67,000 दुकानें केवल मोबाइल ऐप्स की स्क्रीन पर मौजूद थीं। इनके काम करने का तरीका कुछ इस प्रकार था।
- फर्जी पहचान: आलीशान रेस्तरां की फोटोशॉप की गई तस्वीरें और नकली लाइसेंस के जरिए ग्राहकों को लुभाया जाता था।
- ऑर्डर की नीलामी: जब ग्राहक ऑर्डर देता, तो उसे असली रेस्तरां के बजाय बिचौलियों के पास भेज दिया जाता। ये बिचौलिए उस ऑर्डर की 'नीलामी' करते थे।
- अंधेरी रसोई (Dark Kitchens): जो वेंडर सबसे कम दाम में खाना बनाने को तैयार होता, उसे ऑर्डर थमा दिया जाता। यह खाना अक्सर बेहद गंदी जगहों और बिना किसी हाइजीन मानकों के तैयार होता था।
जुर्माने की जद में 7 बड़ी कंपनियां: क्या हैं आरोप?
चीन सरकार ने जिन कंपनियों पर 5.3 बिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया है, उन पर बेहद गंभीर आरोप हैं।
- बिना भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के हजारों फर्जी वेंडरों को प्लेटफॉर्म पर जगह देना।
- सफाई और खाद्य सुरक्षा (Food Safety) नियमों को ताक पर रखना।
- ग्राहकों से खाने के असली स्रोत को जानबूझकर छिपाना।
- जांच के दौरान सरकारी अधिकारियों को गुमराह करना और डेटा डिलीट करना।
छापेमारी के दौरान ड्रामा और हिंसक विरोध
जांच एजेंसियां जब इन कंपनियों के दफ्तर पहुंचीं, तो उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारियों ने न केवल हिंसक विरोध किया, बल्कि जांच रोकने के लिए झूठी बीमारी तक का बहाना बनाया। प्रशासन ने इन बाधाओं को भी अपराध की श्रेणी में रखा है।
वैश्विक स्तर पर मंडराता 'डार्क किचन' का खतरा
यह रिपोर्ट बताती है कि यह समस्या केवल चीन तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया में 'क्लाउड किचन' मॉडल जवाबदेही की कमी से जूझ रहा है। इंग्लैंड में हर 7 में से 1 डिलीवरी बिजनेस का कोई फिजिकल रेस्तरां नहीं है। ऑस्ट्रेलिया में एक ही रसोई घर 17 अलग-अलग ब्रांड नामों से खाना बेचता पाया गया है। इंडोनेशिया में खराब हाइजीन के कारण डार्क किचन से फूड पॉइजनिंग के मामले तेजी से बढ़े हैं।