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राजकुमारी ने छोड़ी शाही जिंदगी! 19 साल की Princess Isabella बनीं सेना की जवान, 11 महीने करेंगी देश सेवा

डेनमार्क की 19 वर्षीय प्रिंसेस इसाबेला ने 11 महीने की अनिवार्य सैन्य सेवा शुरू की। वह शाही परिवार की पहली महिला सक्रिय सैन्य भर्ती बनीं और वेतन लेने स...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Thu, 06 Aug 2026 02:41:12 PM (IST)Updated Date: Thu, 06 Aug 2026 02:41:12 PM (IST)
राजकुमारी ने छोड़ी शाही जिंदगी! 19 साल की Princess Isabella बनीं सेना की जवान, 11 महीने करेंगी देश सेवा
राजकुमारी ने छोड़ी शाही जिंदगी। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. प्रिंसेस इसाबेला ने 11 महीने की सैन्य सेवा शुरू की।
  2. शाही परिवार की पहली महिला सक्रिय सैन्य भर्ती बनीं।
  3. बैरक में सामान्य रिक्रूट की तरह पहचान पत्र दिखाया।

डिजिटल डेस्क। डेनमार्क के शाही परिवार (Danish Royal Family) के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। किंग फ्रेडरिक X और क्वीन मैरी की 19 वर्षीय बेटी प्रिंसेस इसाबेला ने 3 अगस्त से अपनी 11 महीने की मिलिट्री सर्विस शुरू कर दी है।

वह डेनमार्क के शाही परिवार की पहली ऐसी महिला सदस्य बन गई हैं, जिन्हें पूर्ण रूप से सक्रिय सैन्य भर्ती (Active Military Conscription) दी गई है। हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के कुछ ही हफ्तों बाद उन्होंने स्लैगेल्से स्थित एंटवोर्सकोव बैरक की 'गार्ड हुसार रेजिमेंट' में अपनी ड्यूटी ज्वाइन कर ली है।


आम नागरिक की तरह हुई बैरक में एंट्री

  • प्रिंसेस इसाबेला ने सैन्य सेवा के अपने पहले दिन शाही तामझाम से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। वह बेहद सादे कपड़ों में खुद एक काली एसयूवी (SUV) ड्राइव करते हुए बैरक तक पहुंचीं।
  • मुख्य द्वार पर उन्होंने वहां तैनात गार्ड को सामान्य रिक्रूट की तरह अपना पहचान पत्र दिखाया। अंदर जाने से पूर्व उन्होंने वहां मौजूद स्थानीय पत्रकारों और फोटोग्राफरों से भी संक्षिप्त बातचीत की।

बड़े भाई से ली प्रेरणा

  • इसाबेला ने सैन्य सेवा का यह मार्ग अपने बड़े भाई, क्राउन प्रिंस क्रिश्चियन से प्रेरित होकर चुना है। प्रिंस क्रिश्चियन भी इसी रेजिमेंट में अपनी सर्विस पूरी कर चुके हैं और वर्तमान में सेकंड लेफ्टिनेंट पद के लिए प्रशिक्षण ले रहे हैं।
  • शाही परिवार के पुरुषों का आर्म्ड फोर्सेज में जाना एक पारंपरिक हिस्सा रहा है, लेकिन 11 महीने की यह कठिन सैन्य ड्यूटी पूरी करने वाली इसाबेला परिवार की पहली महिला हैं।

बिना सैलरी के करेंगी देश सेवा

  • अन्य सामान्य सैन्य रिक्रूट्स की तरह डेनमार्क में मिलिट्री सर्विस के दौरान मासिक वेतन और टैक्स-फ्री दैनिक भत्ते दिए जाते हैं।
  • हालांकि, शाही परिवार ने स्पष्ट किया है कि प्रिंसेस इसाबेला ने देश सेवा के बदले कोई भी पैसा लेने से इनकार कर दिया है। अपनी 11 महीने की सर्विस के दौरान वह आर्थिक जरूरतों के लिए पूरी तरह अपने माता-पिता पर ही निर्भर रहेंगी।

सेना को मजबूत कर रहा है डेनमार्क

  • यूक्रेन युद्ध और आर्कटिक क्षेत्र में बढ़ते तनाव के मद्देनजर डेनमार्क अपनी सैन्य ताकत को लगातार बढ़ा रहा है। इसी के तहत साल 2024 में महिलाओं के लिए मिलिट्री सर्विस को अनिवार्य करते हुए इसकी अवधि 4 महीने से बढ़ाकर 11 महीने कर दी गई है।
  • इसी हफ्ते करीब 1,600 युवा इस एक्सटेंडेड सर्विस का हिस्सा बने हैं, जिनमें से कुछ को जल्द ही ग्रीनलैंड में ऑपरेशनल ड्यूटी के लिए भी तैनात किया जाएगा।

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