
डिजिटल डेस्क, मोगादिशु। हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करते हुए भारतीय रक्षाबलों ने एक साहसिक और योजनाबद्ध साझा अभियान में सोमालिया के उत्तर-पूर्वी तट के पास हाईजैक किए गए मछली पकड़ने वाले पोत ‘अजिनी’ को समुद्री लुटेरों के चंगुल से छुड़ा लिया। करीब दो दिनों तक चले इस रणनीतिक मिशन के दौरान जहाज पर मौजूद सभी 20 बंधक नाविकों को बिना किसी खरोंच के सुरक्षित बचा लिया गया।
हथियारबंद समुद्री डाकुओं ने पिछले महीने इस पोत का अपहरण किया था। नौसेना के मुताबिक, लुटेरे इस जहाज को गहरे समुद्र में दूसरे व्यापारिक जहाजों पर हमले करने के लिए एक मदर शिप के रूप में इस्तेमाल कर सकते थे। इससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों पर सीधा संकट मंडराने की आशंका थी, जिसे देखते हुए भारतीय नौसेना ने त्वरित प्रतिक्रिया दल को सक्रिय किया।
इस बहुस्तरीय सैन्य कार्रवाई में दोनों सेनाओं का उत्कृष्ट समन्वय देखने को मिला। सर्वप्रथम नौसेना के युद्धपोत और लंबी दूरी के समुद्री टोही विमान ने संदिग्ध पोत की शिनाख्त की। लगातार ट्रैकिंग और रणनीतिक दबाव के जरिए जहाज के भागने के सभी रास्ते बंद कर दिए गए।
भारतीय वायुसेना के रणनीतिक परिवहन विमान सी-17 ग्लोबमास्टर ने मिशन क्षेत्र में मार्कोस (MARCOS) कमांडोज को अत्यंत सटीकता के साथ सीधे समुद्र में एयरड्रॉप किया।
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चारों तरफ से घिरने और विशेष बल की त्वरित सामरिक कार्रवाई के बाद सशस्त्र समुद्री डाकू बेबस नजर आए और उन्होंने हथियार डाल दिए। भारतीय कमांडोज ने पूरी नौका को अपने अधिकार में लेकर सभी 20 क्रू मेंबर्स को सकुशल रिहा करा लिया, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की 'नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर' की भूमिका एक बार फिर सिद्ध हुई है।