
डिजिटल डेस्क। अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। भारतीय मूल के नासा (NASA) अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन मंगलवार को एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष अभियान पर रवाना हो रहे हैं। वे कजाकिस्तान के बैकोनूर कास्मोड्रोम से दो अन्य रूसी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए उड़ान भरेंगे। यह अभियान पूरे आठ महीने का होगा, जिसमें वैज्ञानिक अंतरिक्ष में रहकर कई महत्वपूर्ण शोध करेंगे।
रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस का सोयुज एमएस-29 (Soyuz MS-29) स्पेसक्राफ्ट स्थानीय समयानुसार मंगलवार रात 8:17 बजे बैकोनूर स्पेसपोर्ट से अंतरिक्ष के लिए रवाना किया जाएगा। इस विशेष अभियान में अनिल मेनन के साथ रूस के दो अनुभवी अंतरिक्ष यात्री, प्योत्र दुब्रोव और अन्ना किकिना भी सह-यात्री के रूप में शामिल हो रहे हैं।
निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, यह सोयुज स्पेसक्राफ्ट मंगलवार रात करीब 11:56 बजे (स्थानीय समय) अंतरिक्ष स्टेशन के साथ डॉकिंग की प्रक्रिया पूरी करेगा, यानी उससे जुड़ जाएगा। इसके बाद, बुधवार तड़के लगभग 1:25 बजे तीनों अंतरिक्ष यात्री आईएसएस (ISS) के भीतर कदम रखेंगे।
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अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहले से ही सात अंतरिक्ष यात्री मौजूद हैं, जिनमें नासा के जेसिका मीर, जैक हैथवे और क्रिस विलियम्स शामिल हैं। इनके अलावा यूरोपियन स्पेस एजेंसी की सोफी एडेनोट और रोस्कोस्मोस के सर्गेई कुद-स्वेरचकोव, सर्गेई मिकाएव और आंद्रे फेड्याएव भी वहां तैनात हैं। अनिल मेनन और उनकी टीम के पहुंचने के बाद आईएसएस पर शोधकर्ताओं का यह दल और मजबूत हो जाएगा और सभी मिलकर आगामी मिशनों पर काम करेंगे।