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ब्रिटेन में पहली बार बना 'AI मंत्री', कनिष्क नारायण को मिली बड़ी जिम्मेदारी, 12 साल की उम्र में छोड़ा था भारत

यूके सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए देश के पहले समर्पित AI कैबिनेट मंत्री की नियुक्ति की है। भारतीय मूल के सांसद क...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Tue, 21 Jul 2026 04:27:30 PM (IST)Updated Date: Tue, 21 Jul 2026 04:27:30 PM (IST)
ब्रिटेन में पहली बार बना 'AI मंत्री', कनिष्क नारायण को मिली बड़ी जिम्मेदारी, 12 साल की उम्र में छोड़ा था भारत
ब्रिटेन की कैबिनेट में शामिल हुए पहले AI मंत्री कनिष्क नारायण

HighLights

  1. ब्रिटेन की कैबिनेट में शामिल हुए पहले AI मंत्री
  2. कनिष्क नारायण को मिली बड़ी जिम्मेदारी
  3. कनिष्क 12 साल की उम्र में ही कार्डिफ चले गए थे

डिजिटल डेस्क, लंदन। ब्रिटेन की राजनीति में एक नया इतिहास रचा गया है। यूके सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए देश के पहले समर्पित AI कैबिनेट मंत्री की नियुक्ति की है। भारतीय मूल के सांसद कनिष्क नारायण को इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कनिष्क नारायण का राजनीतिक सफर

कनिष्क नारायण इससे पहले टेक्नोलॉजी सेक्रेटरी लिज केंडल के अधीन AI और ऑनलाइन सुरक्षा राज्य मंत्री के रूप में कार्य कर रहे थे। अब उन्हें प्रमोट कर सीधे कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है, जिससे उनके दायित्वों और शक्तियों का दायरा काफी बढ़ गया है।


वेल्स की लेबर पार्टी के नेता कनिष्क नारायण ने 2024 में 'वेल ऑफ ग्लैमॉर्गन' सीट से चुनाव जीतकर संसद में प्रवेश किया था। इसके साथ ही वे वेल्स से सांसद बनने वाले पहले अल्पसंख्यक जातीय (Ethnic Minority) नेता बने थे।

कौन हैं बिहार में जन्मे कनिष्क नारायण?

कनिष्क का जन्म भारत के बिहार राज्य में हुआ था। मात्र 12 वर्ष की आयु में वे अपने परिवार के साथ ब्रिटेन (कार्डिफ, वेल्स) चले गए। कार्डिफ के स्कूल से शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से स्नातक किया और अमेरिका की प्रतिष्ठित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से MBA की डिग्री प्राप्त की। वे दक्षिण वेल्स में शिक्षा और सामाजिक सुधारों के लिए काम करने वाली गैर-लाभकारी संस्था 'अटेन वेल्स' (Attain Wales) के सह-संस्थापक भी रहे हैं।

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ग्लोबल लेवल पर AI के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए किसी देश की कैबिनेट में पूर्णकालिक AI मंत्री की नियुक्ति एक बड़ा तकनीकी व रणनीतिक कदम माना जा रहा है। भारतीय मूल के कनिष्क नारायण का इस पद पर पहुंचना वैश्विक पटल पर भारत के मेधावी नेतृत्व का एक और उदाहरण है।