ईरान ने इजरायल पर दागीं बेहद खतरनाक सॉलिड फ्यूल मिसाइलें, स्पीड ऐसी कि दुश्मन के लिए मार गिराना बहुत मुश्किल
Iran-Israel-US War: मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 08 Mar 2026 02:07:17 PM (IST)Updated Date: Sun, 08 Mar 2026 02:10:52 PM (IST)
HighLights
- मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा
- ईरान ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है
- ड्रोन और बैलेस्टिक मिसाइलों से हमले कर रहा
डिजिटल डेस्क। मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। ईरान ड्रोन और बैलेस्टिक मिसाइलों से इजरायल पर हमले कर रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन हमलों में सॉलिड फ्यूल मिसाइलों का भी इस्तेमाल किया गया है। सवाल यह है कि आखिर ये सॉलिड फ्यूल मिसाइलें क्या होती हैं और इन्हें इतना खतरनाक क्यों माना जाता है।
ईरान ने इजरायल पर दागी सॉलिड फ्यूल मिसाइल (फोटो-रॉयटर्स)
क्या होती हैं सॉलिड फ्यूल मिसाइलें?
सॉलिड फ्यूल मिसाइलों में रॉकेट का ईंधन पहले से ही मिसाइल के अंदर भरा होता है। यही वजह है कि इन्हें कम तैयारी के साथ बेहद तेजी से लॉन्च किया जा सकता है। इसके उलट लिक्विड फ्यूल मिसाइलों में लॉन्च से ठीक पहले ईंधन भरना पड़ता है, जिससे उन्हें तैयार करने में ज्यादा समय लगता है।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सॉलिड फ्यूल आमतौर पर एल्युमिनियम जैसे धातु पाउडर और अमोनियम परक्लोरेट जैसे ऑक्सीडाइजर के मिश्रण से तैयार किया जाता है। इस मिश्रण को रबर जैसी बाइंडिंग सामग्री के साथ मिलाकर मेटल केसिंग के अंदर पैक किया जाता है।
क्यों खतरनाक मानी जाती हैं ये मिसाइलें?
सॉलिड फ्यूल मिसाइलों के कई ऐसे ऑपरेशनल फायदे होते हैं, जिनकी वजह से इन्हें रोकना या इंटरसेप्ट करना काफी मुश्किल हो जाता है। इनकी प्रमुख खासियतें:
- लॉन्च करने में बहुत कम समय लगता है
- इस्तेमाल करना अपेक्षाकृत आसान होता है
- बहुत तेज रफ्तार से लक्ष्य पर हमला करती हैं
- तेज गति की वजह से एयर डिफेंस सिस्टम को प्रतिक्रिया के लिए कम समय मिलता है
- इन्हें लंबे समय तक लॉन्च के लिए तैयार रखा जा सकता है
एयर डिफेंस के लिए क्यों बनती हैं चुनौती?
चूंकि सॉलिड फ्यूल मिसाइलों का ईंधन पहले से ही मिसाइल के अंदर मौजूद होता है, इसलिए इन्हें कुछ ही मिनटों में लॉन्च किया जा सकता है। इस वजह से दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को प्रतिक्रिया देने के लिए बहुत कम समय मिलता है।
इसी कारण युद्ध की स्थिति में सॉलिड फ्यूल मिसाइलें तेज और अचानक हमले के लिए बेहद प्रभावी हथियार मानी जाती हैं।