ईरान ने होर्मुज में अमेरिका को दी कड़ी चेतावनी, अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों को रास्ता बदलकर वापस लौटना पड़ा
मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। इस्लामाबाद वार्ता विफल होने के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 13 Apr 2026 01:05:48 PM (IST)Updated Date: Mon, 13 Apr 2026 01:08:03 PM (IST)
HighLights
- मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया
- ईरानी सरकारी मीडिया का वीडियो जारी कर दावा
- अमेरिकी पक्ष इस दावे से अलग तस्वीर पेश कर रहा
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। इस्लामाबाद वार्ता विफल होने के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। ईरानी सरकारी मीडिया ने एक वीडियो जारी कर दावा किया है कि उसकी चेतावनी के बाद अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों को अपना रास्ता बदलकर वापस लौटना पड़ा।
ईरान के सरकारी मीडिया IRIB के एक X पर पोस्ट में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कर्मचारी अमेरिकी युद्धपोत USS Frank E. Petersen Jr. को चेतावनी देते हुए नजर आते हैं। वीडियो में ईरानी अधिकारी जहाज को तुरंत मार्ग बदलकर हिंद महासागर की ओर लौटने का आदेश देते हैं और आदेश न मानने पर कार्रवाई की धमकी भी देते हैं।
ईरानी पक्ष इसे 'अंतिम चेतावनी' बताता है
वीडियो में अमेरिकी अधिकारी की ओर से जवाब दिया जाता है कि उनका जहाज अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत निर्धारित ट्रांजिट मार्ग से गुजर रहा है और किसी तरह के टकराव का इरादा नहीं है। इसके बावजूद ईरानी पक्ष इसे 'अंतिम चेतावनी' बताता है और आसपास मौजूद अन्य जहाजों को भी दूरी बनाए रखने के निर्देश देता है।
टकराव के बाद अमेरिकी जहाज पीछे हट गए
ईरानी मीडिया का दावा है कि इस टकराव के बाद अमेरिकी जहाज पीछे हट गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, IRGC ने निगरानी के लिए एक ड्रोन भी तैनात किया था। वहीं, अमेरिकी पक्ष इस दावे से अलग तस्वीर पेश कर रहा है।
यूनाइटेड स्टेट सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिकी नौसेना के दो गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर-USS Frank E. Petersen Jr. और USS Michael Murphy ने होर्मुज जलडमरूमध्य से सफलतापूर्वक पारगमन किया और एक बड़े सैन्य अभियान में हिस्सा लिया।
समुद्री बारूदी सुरंगों से मुक्त करना उद्देशय
यूनाइटेड स्टेट सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इस अभियान का उद्देश्य जलडमरूमध्य को समुद्री बारूदी सुरंगों से मुक्त करना है, जिन्हें ईरान द्वारा पहले बिछाए जाने का आरोप है। दोनों देशों के दावों में विरोधाभास के बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।
यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है, ऐसे में यहां बढ़ता सैन्य तनाव अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बन गया है।