
डिजिटल डेस्क: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान की ओर से भेजे गए नए शांति प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। करीब 40 दिनों तक चले भीषण संघर्ष के बाद ईरान ने अमेरिका के साथ गतिरोध समाप्त करने के उद्देश्य से यह प्रस्ताव भेजा था। हालांकि, ट्रंप ने स्पष्ट किया कि प्रस्ताव में ऐसी मांगें शामिल हैं, जिन्हें स्वीकार करना संभव नहीं है।

सूत्रों के अनुसार, यह प्रस्ताव होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) में समुद्री यातायात को सामान्य बनाने पर केंद्रित है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने यह प्रस्ताव पाकिस्तान के माध्यम से ट्रंप प्रशासन तक पहुंचाया। इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ रहा है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया है कि अब तक 45 जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से वापस लौटाया गया है। यह घटनाक्रम इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में जारी अस्थिरता को दर्शाता है, जो दुनिया के सबसे अहम तेल आपूर्ति मार्गों में से एक माना जाता है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि यदि अमेरिका अपनी “आक्रामक नीतियों और उकसाने वाली गतिविधियों” को बंद करता है, तो तेहरान कूटनीतिक समाधान के लिए तैयार है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरानी सेना किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
ट्रंप ने ईरानी प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इससे संतुष्ट नहीं हैं और बातचीत जारी है। उन्होंने ईरानी नेतृत्व को “विभाजित” बताते हुए कहा कि वे समझौता करना चाहते हैं, लेकिन उनकी मांगें स्वीकार्य नहीं हैं। साथ ही ट्रंप ने दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार संपन्न होने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने उन जहाज कंपनियों को चेतावनी दी है, जो ईरान को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने के लिए किसी भी प्रकार का भुगतान कर रही हैं। विभाग ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में सख्त प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं, चाहे भुगतान किसी भी नाम से किया गया हो।
ईरान मुद्दे को लेकर अमेरिका और यूरोप के बीच मतभेद भी सामने आए हैं। फ्रेडरिक मर्ज के साथ विवाद के बाद ट्रंप प्रशासन ने जर्मनी से 5,000 अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने का निर्णय लिया है। पेंटागन ने इसकी पुष्टि की है।
ओवल हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने मर्ज की आलोचना करते हुए कहा कि जर्मनी ऊर्जा और आंतरिक समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मर्ज यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने में विफल रहे हैं और उनकी नीतियों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।