क्या सच में मारे गए अयातुल्लाह खामेनेई? इजरायल के दावे पर ईरान के जवाब से मची खलबली
कुछ इजरायली मीडिया चैनलों ने चलाया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई मारे गए हैं। ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 01 Mar 2026 02:34:50 AM (IST)Updated Date: Sun, 01 Mar 2026 02:34:50 AM (IST)
इजरायल के दावे पर ईरान ने दिया ये जवाब।HighLights
- खामेनेई के आवास के पास जोरदार धमाके।
- इजरायल के दावे पर ईरान ने दिया ये जवाब।
- पांच पॉइंट में समझें हमले की पूरी बात।
डिजिटल डेस्क। इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से ईरान पर हमले करना शुरू कर दिया है। वहीं, कुछ इजरायली मीडिया चैनलों ने चलाया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई मारे गए हैं। लेकिन इस स्थिति पर अभी स्पष्ट पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन नवीनतम जानकारी के अनुसार वे जीवित हैं।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने एनबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा है कि 'जहां तक मुझे पता है', खामेनेई अभी जीवित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और अधिकांश उच्च पदाधिकारी सुरक्षित हैं, हालांकि कुछ कमांडरों की मौत की पुष्टि हुई है।
इजरायली मीडिया (जैसे चैनल 12 और अन्य) ने अनाम सूत्रों के हवाले से दावा किया था कि शनिवार सुबह (28 फरवरी 2026) के हमलों में खामेनेई की मौत हो गई है या कम से कम गंभीर रूप से घायल हैं।
इजरायल के आकलन में 'बढ़ते संकेत' बताए गए, और कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि उनके संपर्क में कोई नहीं है। लेकिन इजरायल सरकार ने इसे आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं की।
पांच पॉइंट में समझें हमले की पूरी बात
- इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से ईरान पर बड़े हमले शुरू किए, जिसे इजरायल ने ऑपरेशन लायंस रोर और अमेरिका ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया।
- शुरुआती हमलों में तेहरान में खामेनेई के परिसर, कार्यालयों और अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
- न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा जारी उपग्रह तस्वीरों में खामेनेई के आधिकारिक निवास में भारी नुकसान दिखा है।
- रिपोर्टों में ईरान के रक्षा मंत्री अमीर नासिरजादेह और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर मोहम्मद पाकपुर समेत कुछ वरिष्ठ कमांडरों की मौत की खबरें हैं।
- नेतन्याहू और ट्रंप ने हमलों को जायज ठहराते हुए कहा कि यह ईरान के परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल क्षमता को खत्म करने और शासन बदलने के लिए है। ट्रंप ने ईरानी लोगों से अपील की कि वे सरकार पर कब्जा कर लें।