ईरान संग सीजफायर के बीच US को झटका, होर्मुज स्ट्रेट में गायब हो गया अमेरिका का सबसे महंगा 'जासूसी' ड्रोन
दो दिन पहले ही ईरान संग हुए सीजफायर के बीच अमेरिका को बड़ा झटका लगा है, जहां अमेरिकी नौसेना का सबसे महंगा और अत्याधुनिक निगरानी ड्रोन, MQ-4C ट्राइटन, ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 10 Apr 2026 01:36:10 PM (IST)Updated Date: Fri, 10 Apr 2026 01:37:59 PM (IST)
होर्मुज स्ट्रेट में गायब हो गया अमेरिका का सबसे महंगा 'जासूसी' ड्रोनHighLights
- होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका को बड़ा झटका लगा है
- 1,800 करोड़ का ड्रोन रहस्यमयी तरीके से लापता
- यह ड्रोन खुफिया जानकारी जुटाने के लिए डिजाइन किया गया था
डिजिटल डेस्क। अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर के महज दो दिन बाद खाड़ी क्षेत्र में एक बड़ी घटना सामने आई है, जहां अमेरिकी नौसेना का सबसे महंगा और अत्याधुनिक निगरानी ड्रोन, MQ-4C ट्राइटन, होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर से रहस्यमय तरीके से लापता हो गया है। लगभग 200 मिलियन डॉलर (₹1,800 करोड़) की कीमत वाला यह ड्रोन रडार से उस वक्त गायब हो गया, जब वह अपनी तीन घंटे की निगरानी पूरी कर बेस पर लौट रहा था।
ऑनलाइन फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, ट्राइटन ड्रोन फारस की खाड़ी और होर्मुज क्षेत्र की निगरानी कर रहा था। इटली के सिगोनेला नौसैनिक एयरपोर्ट की ओर लौटते समय, ड्रोन ने अचानक ईरान की दिशा में मामूली मोड़ लिया। इसके तुरंत बाद ड्रोन ने 'कोड 7700' (सामान्य आपातकाल) का सिग्नल भेजा और तेजी से अपनी ऊंचाई खोने लगा। 'दी वॉर जोन' की रिपोर्ट के मुताबिक, गायब होने से पहले ड्रोन ने इमरजेंसी अलर्ट भी जारी किया था, जिससे इसके दुर्घटनाग्रस्त होने या मार गिराए जाने की आशंका प्रबल हो गई है।
सीजफायर पर खतरे के बादल?
यह घटना उस समय हुई है, जब दो दिन पहले ही ईरान और अमेरिका के बीच समुद्री यातायात को फिर से खोलने और तनाव कम करने पर सहमति बनी थी। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह कोई तकनीकी खराबी थी या जानबूझकर की गई कार्रवाई। लेकिन इस घटना ने क्षेत्र में नाजुक शांति को खतरे में डाल दिया है।
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क्या है MQ-4C ट्राइटन की खासियत?
ट्राइटन अमेरिकी नेवी का रणनीतिक स्तंभ है। यह 50,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर लगातार 24 घंटे तक उड़ान भरने में सक्षम है और इसकी रेंज 7,400 समुद्री मील है। इसे विशेष रूप से समुद्री मार्गों की निरंतर निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए डिजाइन किया गया है। वर्तमान में अमेरिकी केंद्रीय कमान इस लापता ड्रोन की तलाश और घटना के कारणों की जांच में जुटी है।