
डिजिटल डेस्क। नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ और जलप्रलय ने भारी तबाही मचाई है, लेकिन इस आपदा के बीच धाडिंग जिले से राहत और चमत्कार की एक खबर सामने आई है। यहां के एक स्थानीय स्कूल में दोपहर के भोजन (लंच ब्रेक) के समय आई भीषण बाढ़ के बावजूद शिक्षकों की तत्परता और सूझबूझ के कारण सैकड़ों मासूम बच्चों की जान बाल-बाल बच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, धाडिंग के एक प्राथमिक विद्यालय में जब अचानक पानी का स्तर बढ़ने लगा, तब दूसरी कक्षा के बच्चे कक्षाओं में ही मौजूद थे। खतरे को भांपते हुए शिक्षकों ने बिना एक पल गंवाए बच्चों को अपने बस्ते और टिफिन वहीं छोड़कर तुरंत सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर भागने का निर्देश दिया।
देखते ही देखते पूरा स्कूल गाढ़े भूरे मलबे, कीचड़ और बाढ़ के पानी से भर गया। कक्षाओं की दीवारों, बेंचों और नोटबुक्स पर जमी कीचड़ की मोटी परतें जलस्तर के भयानक रूप की गवाही दे रही हैं। एक छात्र की मां ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि यद्यपि बच्चों की किताबें और बैग कीचड़ में दब गए, लेकिन उनके बच्चे सुरक्षित हैं, यही सबसे बड़ी बात है।
अंतरराष्ट्रीय स्वयंसेवी संस्था 'सेव द चिल्ड्रन' की रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल के इस प्राकृतिक प्रकोप में कम से कम 69 विद्यालय या तो पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं या उन्हें गंभीर नुकसान पहुंचा है। इसके चलते लगभग 19,000 बच्चों का शैक्षणिक भविष्य अनिश्चितता के भंवर में फंस गया है। राहत कर्मियों के सुदूर इलाकों तक पहुंचने के साथ इस आंकड़े में और बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।
लगातार हो रही वर्षा, भूस्खलन और नदियों के उफान को देखते हुए नेपाल सरकार ने एहतियातन सभी स्कूलों और विश्वविद्यालयों को तीन दिनों के लिए बंद करने का फरमान जारी किया है। इसके साथ ही आगामी परीक्षाओं को भी स्थगित कर दिया गया है। मौसम विभाग द्वारा लगातार सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दिए जाने के कारण पठन-पाठन दोबारा कब शुरू हो पाएगा, इस पर संशय बना हुआ है।
नेपाल की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस विभीषिका में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 788 हो चुकी है, जबकि 2,502 से अधिक नागरिक अभी भी लापता हैं। वहीं, सीमा से सटे चीनी क्षेत्र तिब्बत में भी इस आपदा का असर देखा गया है, जहां 16 लोगों की मौत और 546 लोगों के गुमशुदा होने की पुष्टि हुई है। लापता लोगों में 100 से अधिक नेपाली नागरिकों सहित कई अन्य विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं।
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