
वर्ल्ड डेस्क। मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष के दौरान भारतीय वायुसेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान के सैन्य बुनियादी ढांचे को तबाह कर दिया था। इस स्ट्राइक का सबसे घातक असर चकवाल स्थित मुरीद एयरबेस पर पड़ा, जहां पाकिस्तान का 'कमांड एंड कंट्रोल सेंटर' आज भी मलबे के ढेर में तब्दील है।
लेटेस्ट सैटेलाइट इमेजरी (फरवरी 2026) के विश्लेषण से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सैटेलाइट इमेजरी एनालिस्ट डेमियन साइमन के अनुसार, भारत के हमले में क्षतिग्रस्त हुई मुख्य इमारत अब पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। 28 फरवरी की वैंटोर (Ventor) इमेज दिखाती है कि जिस हिस्से को पाकिस्तान ने मरम्मत के लिए तिरपाल से ढका था, वहां अब सिर्फ गुलाबी-लाल मलबा और खाली जमीन बची है।
10 मई 2025 को तड़के 2 से 5 बजे के बीच भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के 10 एयरबेस पर हमले किए थे। मुरीद एयरबेस, जो कि ड्रोन ऑपरेशंस का मुख्य केंद्र था, को विशेष रूप से निशाना बनाया गया:
राफेल की ताकत: इन हमलों के लिए राफेल फाइटर जेट्स का इस्तेमाल किया गया।
पेनेट्रेटर मुनिशन: राफेल से लॉन्च किए गए पेनेट्रेटर वारहेड्स ने कंक्रीट की मजबूत छतों को भेदकर इमारत के भीतर विस्फोट किया।
ढांचागत क्षति: विस्फोट इतना जबरदस्त था कि इमारत की आंतरिक संरचना (Internal Structure) पूरी तरह कमजोर हो गई, जिसे दोबारा उपयोग के लायक नहीं बनाया जा सका।
सैटेलाइट तस्वीरों के टाइमलाइन से पाकिस्तान की हताशा साफ झलकती है...
मुरीद एयरबेस पर केवल इमारत ही नहीं, बल्कि अंडरग्राउंड ड्रोन स्टोरेज और स्पेशल इक्विपमेंट फैसिलिटी के प्रवेश द्वार को भी निशाना बनाया गया था। गेट से मात्र 30 मीटर की दूरी पर बने 3 मीटर चौड़े क्रेटर (गड्ढे) ने पाकिस्तान की रणनीतिक तैयारियों को भारी नुकसान पहुंचाया।
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