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पाकिस्तान: ब्लूचिस्तान में 200 साल पुराना ऐतिहासिक गुरुद्वारा जमींदोज, सिख समुदाय में आक्रोश, सड़कों पर उतरे लोग

बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा में स्थित 200 साल पुराने ऐतिहासिक श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारे को रातों-रात ढहा दिया गया है।

By Digital DeskEdited By: Nitin Kumar
Publish Date: Sun, 30 Aug 2026 03:56:05 PM (IST)Updated Date: Sun, 30 Aug 2026 03:56:05 PM (IST)
पाकिस्तान: ब्लूचिस्तान में 200 साल पुराना ऐतिहासिक गुरुद्वारा जमींदोज, सिख समुदाय में आक्रोश, सड़कों पर उतरे लोग
बलूचिस्तान में 200 साल पुराना ऐतिहासिक गुरुद्वारा जमींदोज(फोटो: सोशल मीडिया)

HighLights

  1. पाक का अमानवीय और नापाक चेहरा
  2. बिना सूचना के गुरुद्वारा को किया ध्वस्त
  3. सड़कों पर उतरा आक्रोशित सिख समुदाय

डिजिटल डेस्क, नई दुनिया। पाकिस्तान में एक बार फिर से दूसरे धर्मों के धर्मस्थलों पर वार किया है। इस देश के सबसे ज्यादा अशांत इलाके बलूचिस्तान के लोग तो पहले से ही पाकिस्तान की नीति से दुखी हैं। सभी धर्मों के लोग यहां सम्मान के साथ रहें, लेकिन पाकिस्तान यहां धर्मस्थलों को चुन-चुनकर तोड़ रहा है।

बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा में स्थित 200 साल पुराने ऐतिहासिक श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारे को रातों-रात ढहा दिया गया है। इस पवित्र परिसर में बच्चों का एक स्कूल भी संचालित होता था।

अचानक हुई कार्रवाई ने न केवल स्थानीय सिख समुदाय, बल्कि नागरिक अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है। लोग सड़कों पर उतरकर इस अन्याय का कड़ा विरोध कर रहे हैं।

गुरुद्वारे पर थी कंपनी की नजर

स्थानीय लोगों के मुताबिक, गुरुद्वारे की जमीन पर एक कंपनी की नजर थी। आरोप है कि इसी जमीन पर कब्जा करने के उद्देश्य से गुरुद्वारे के परिसर को नुकसान पहुंचाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक कार्रवाई के दौरान गुरुद्वारे का बड़ा हिस्सा तोड़ दिया गया। इससे सिख समुदाय के लोगों में काफी गुस्सा है।


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बिना सूचना के गिराई गई इमारत

सिख समुदाय का कहना है कि इतनी पुरानी धार्मिक और ऐतिहासिक इमारत को बिना सूचना और अनुमति के गिराना गंभीर मामला है। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

सिख समुदाय का कहना है कि, धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक इमारतों की सुरक्षा करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। किसी भी विकास कार्य या निर्माण से पहले संबंधित समुदाय और प्रशासन से उचित अनुमति और बातचीत होनी चाहिए।

स्थानीय प्रशासन ने बिना सूचना के इस कार्रवाई को अमलीजामा पहनाया है, यह काफी निंदनीय है। हम जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर लड़ाई लड़ेंगे।

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