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डिजिटल डेस्क। रमजान के पवित्र महीने के आगाज़ से पहले दुबई पुलिस ने सड़कों और बाजारों में भीख मांगने वालों के खिलाफ एक सघन तलाशी अभियान छेड़ा है, जिसमें चौंकाने वाले अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन सामने आए हैं। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक ऐसे भिखारी को हिरासत में लिया जो तीन लग्जरी कारों का मालिक निकला और उसके पास लाखों की अघोषित संपत्ति पाई गई। संदिग्ध और आपराधिक घटना विभाग के निदेशक ब्रिगेडियर अली सलेम अल शम्सी ने बताया कि छापेमारी के दौरान एक भिखारी की चटाई के नीचे से ही लगभग 6 लाख रुपये की नकदी बरामद की गई, जो जनता की उदारता का नाजायज फायदा उठाकर कमाई गई थी।
इस पूरे प्रकरण में सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि पकड़े गए भिखारियों में से 90 प्रतिशत लोग टूरिस्ट वीजा पर आए विदेशी नागरिक हैं। जांच में यह तथ्य उभर कर आया है कि पाकिस्तान के सिंध प्रांत से कुछ संगठित गिरोह सक्रिय हैं जो लोगों को फ्लाइट टिकट और वीजा मुहैया कराकर विशेष रूप से भीख मांगने के मकसद से दुबई भेजते हैं। शारजाह पुलिस द्वारा किए गए एक परीक्षण में यह बात भी पुष्ट हुई कि यहाँ भीख मांगना एक मुनाफे वाला धंधा बन गया है, जहाँ एक भिखारी औसतन एक घंटे में 9 हजार रुपये तक इकट्ठा कर लेता है। इसी का नतीजा है कि साल 2025 में संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब ने मिलकर करीब 24,000 पाकिस्तानी नागरिकों को उनके देश निर्वासित कर दिया है।
दुबई प्रशासन ने अब इस प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए कानूनों को बेहद सख्त कर दिया है, जिसके तहत भीख मांगते पकड़े जाने पर भारी जुर्माने के साथ तीन महीने तक की जेल का प्रावधान है, वहीं इस धंधे को संचालित करने वाले गिरोहों को लाखों के जुर्माने के साथ लंबी कैद की सजा दी जा रही है। इन घटनाओं का सीधा असर अब पाकिस्तान के आम यात्रियों पर पड़ने लगा है क्योंकि संयुक्त अरब अमीरात ने वीजा नियमों में अभूतपूर्व सख्ती कर दी है। रिपोर्टों के अनुसार, पहली बार आवेदन करने वाले लगभग 80 प्रतिशत पाकिस्तानियों के वीजा आवेदन खारिज किए जा रहे हैं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित सिस्टम दस्तावेजों में मामूली गड़बड़ी होने पर भी अनुमति देने से इनकार कर रहा है।
वीजा रिजेक्शन का यह सिलसिला केवल खाड़ी देशों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षा कारणों और बढ़ते अपराधों के मद्देनजर भारत ने भी 2025 में पाकिस्तानी नागरिकों के लिए अपनी सभी वीजा सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी हैं। इसके अलावा इजराइल, लीबिया और सूडान जैसे देशों में भी पाकिस्तानी पासपोर्ट पर प्रवेश पाना अब लगभग नामुमकिन हो गया है। दुबई पुलिस की इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि पर्यटन की आड़ में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वालों के खिलाफ अब शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जा रही है, जिसका खामियाजा अब उन पड़ोसी देशों को भुगतना पड़ रहा है जिनके नागरिक इन गतिविधियों में संलिप्त पाए जा रहे हैं।
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