
डिजिटल डेस्क। भारतीय मूल की पिया डांडिया ने अमेरिका की राजनीति में अपनी मजबूत छाप छोड़ते हुए फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से डेमोक्रेटिक पार्टी का प्राइमरी चुनाव जीत लिया है। इस शानदार विजय के बाद अब आगामी नवंबर में होने वाले मुख्य चुनाव में उनका सीधा मुकाबला रिपब्लिकन पार्टी के प्रत्याशी और पूर्व मरीन केसी अस्कर से होगा।
चुनावी नतीजों में डांडिया ने एकतरफा बढ़त बनाते हुए 68.6 प्रतिशत मत हासिल किए और अपनी प्रतिद्वंद्वी वकील केसिया अर्ली को बड़े अंतर से शिकस्त दी, जिन्हें महज 31.4 फीसदी वोटों पर ही संतोष करना पड़ा। गौरतलब है कि डांडिया का अतीत भी प्रेरणादायक रहा है; मात्र 28 वर्ष की आयु में उन्होंने एक स्कूल की नींव रखी और उसकी संस्थापक प्रिंसिपल बनीं, जिसके साथ ही वे देश की सबसे कम उम्र की हाई स्कूल प्रिंसिपलों में शुमार हो गईं।
अपनी इस उपलब्धि पर फ्लोरिडा-22 के मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए पूर्व प्रिंसिपल डांडिया ने कहा कि वे अपने छात्रों, अपने बेटे और क्षेत्र के सभी बच्चों के बेहतर व सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए इस राजनीतिक यात्रा में शामिल हुई हैं। उन्होंने आगे कहा कि उनका उद्देश्य एक ऐसा जन-आंदोलन खड़ा करना है जो वाशिंगटन की व्यवस्था को आम जनता के अनुकूल बनाए, भ्रष्टाचार पर लगाम लगाए और लोगों के रोज़मर्रा के खर्चों को कम करने का काम करे।
डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी ने भी डांडिया को उनकी इस शानदार सफलता के लिए बधाई दी और उनके सामाजिक योगदान की सराहना की। पार्टी कमेटी के अनुसार, एक समर्पित शिक्षिका और जननेता के रूप में पिया डांडिया ने हमेशा कामकाजी परिवारों के अधिकारों की वकालत की है। वे दक्षिण फ्लोरिडा के आम परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं, आवास की कीमतों और दैनिक राशन की लागत को किफायती बनाने की दिशा में निरंतर काम करने के लिए संकल्पबद्ध हैं।