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अस्पताल की गलती से बदल गए थे दो बच्चे, 38 साल बाद ऐसे खुला राज, सच जानकर परिवारों के उड़े होश

अमेरिका के कोलोराडो सिटी में लगभग चार दशक पुराना एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने दो परिवारों की दुनिया को पूरी तरह बदल कर रख दिया है।

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Mon, 20 Jul 2026 02:48:56 PM (IST)Updated Date: Mon, 20 Jul 2026 02:48:56 PM (IST)
अस्पताल की गलती से बदल गए थे दो बच्चे, 38 साल बाद ऐसे खुला राज, सच जानकर परिवारों के उड़े होश
DNA टेस्ट से खुला 38 साल पुराना राज। (फोटो-सोशल मीडिया)

HighLights

  1. बच्चों की अदला-बदली पर छलका मां का दर्द
  2. अस्पताल की गलती से बदल गए थे दो नवजात
  3. जैविक माता और पिता से हुई भावुक मुलाकात

डिजिटल डेस्क। अमेरिका के कोलोराडो सिटी में लगभग चार दशक पुराना एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने दो परिवारों की दुनिया को पूरी तरह बदल कर रख दिया है। एक साधारण से डीएनए (DNA) टेस्ट की बदौलत यह खुलासा हुआ है कि आज से 38 साल पहले 26 जनवरी 1988 को नॉर्थ डकोटा के एक अस्पताल में जन्म के तुरंत बाद दो नवजातों की आपस में अदला-बदली हो गई थी। इस ऐतिहासिक प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ अब दोनों पीड़ित परिवारों ने यूनिटी मेडिकल सेंटर के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है।

पीड़ितों का आरोप है कि अस्पताल की इस अक्षम्य चूक के कारण उनसे वह वास्तविक जीवन और परिवार छिन गया, जिसके वे हकदार थे।

एक अनजाने 'क्रिसमस गिफ्ट' से सामने आया सच

इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा तब हुआ, जब काइल बाइलिन नाम के शख्स ने क्रिसमस के त्यौहार पर मिले एक उपहार के बाद मनोरंजन के लिए घर पर ही किए जाने वाले एक सामान्य DNA टेस्ट किट का इस्तेमाल किया। टेस्ट के नतीजों ने उन्हें उनकी एक ऐसी बायोलॉजिकल (जैविक) आंटी से मिलवाया, जिनके बारे में वे कभी जानते ही नहीं थे। जब उस आंटी के सगे भतीजे जेरेमी मॉरिसन को इस बात का पता चला, तो उन्होंने भी कौतूहलवश अपना डीएनए टेस्ट करवाया।


जब दोनों रिपोर्ट की तुलना की गई, तो सच सामने आ गया। मॉरिसन को इस बात पर तब तक पूरा भरोसा नहीं हुआ, जब तक कि उन्होंने काइल बाइलिन के सगे भाई की तस्वीर नहीं देख ली, जिसका चेहरा हूबहू जेरेमी मॉरिसन से मिलता था।

1988 की वो रात और अस्पताल का ब्रेसलेट

न्यायालय में पेश की गई याचिका के अनुसार, बाइलिन और मॉरिसन का जन्म वर्ष 1988 में ग्राफ्टन स्थित यूनिटी मेडिकल सेंटर में हुआ था। प्रसव कक्ष या नर्सरी में हुई किसी बड़ी चूक के कारण दोनों बच्चे गलत माता-पिता की गोद में चले गए। इस लापरवाही का एक पुख्ता सबूत काइल बाइलिन के पास आज भी सुरक्षित है— उनके बचपन का वह अस्पताल ब्रेसलेट, जिस पर गलती से उनका नाम 'काइल बाइलिन' ही दर्ज कर दिया गया था।

इस जेनेटिक रिपोर्ट ने दोनों परिवारों को हिलाकर रख दिया है। काइल को बड़ा करने वाली मां एवलिन न्यूटन ने बेहद भावुक होते हुए कहा:

काइल हमेशा मेरा बेटा रहेगा और मैं उससे उतना ही प्यार करूंगी। लेकिन दिल के किसी कोने में यह टीस हमेशा रहेगी कि मैंने अपने उस सगे बेटे के साथ जीवन जीने का हक खो दिया, जिसे मैंने जन्म दिया था।

रिकॉर्ड गायब होने का हवाला दे रहा अस्पताल प्रशासन

इस पूरे विवाद पर यूनिटी मेडिकल सेंटर ने बच्चों की अदला-बदली की बात से इनकार नहीं किया है। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि चूंकि इस वाकये को लगभग 40 साल बीत चुके हैं, इसलिए उस दौर के मेडिकल स्टाफ और दाखिला रिकॉर्ड अब उपलब्ध नहीं हैं। अस्पताल ने अपना पल्ला झाड़ते हुए यह भी तर्क दिया कि उनके पास ऐसा कोई लिखित दस्तावेज नहीं है, जो यह साबित करे कि यह गलती तत्कालीन प्रशासन या डॉक्टरों की वजह से ही हुई थी।

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फिलहाल, कोलोराडो सिटी में रहने वाले और एक विंड एनर्जी कंपनी में वेल्डिंग इंस्पेक्टर के रूप में कार्यरत जेरेमी मॉरिसन का कहना है कि इस कड़वे सच के बाद भी वह उसी परिवार को अपना सर्वस्व मानते हैं, जिन्होंने उन्हें पाल-पोसकर बड़ा किया। अब दोनों युवक अपने-अपने जैविक माता-पिता से मिल चुके हैं। काइल बाइलिन ने इन मुलाकातों को भावुक लेकिन थोड़ा असहज बताते हुए कहा कि वे सभी अब एक नए रिश्ते के धागे में बंधने और एक-दूसरे को समझने का प्रयास कर रहे हैं।