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रोबोटिक्स में अमेरिका को पछाड़ रहा चीन... DARPA की तकनीक से बने 'रोबोट डॉग्स', पेंटागन ने लगाए प्रतिबंध

चार पैरों वाले 'रोबोट डॉग्स' (Quadruped Robots) अब केवल टेक शो की शोभा नहीं बढ़ा रहे, बल्कि वैश्विक महाशक्तियों के सैन्य अभियानों और अत्याधुनिक हथियार...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Thu, 20 Aug 2026 03:51:08 PM (IST)Updated Date: Thu, 20 Aug 2026 03:51:08 PM (IST)
रोबोटिक्स में अमेरिका को पछाड़ रहा चीन... DARPA की तकनीक से बने 'रोबोट डॉग्स', पेंटागन ने लगाए प्रतिबंध
रोबोटिक्स में अमेरिका को पछाड़ रहा चीन... DARPA की तकनीक से बने 'रोबोट डॉग्स'

HighLights

  1. अमेरिकी मिलिट्री फंडिंग से विकसित तकनीक पर चीन का कब्जा
  2. यूनिट्री रोबोटिक्स ने 1,600 डॉलर में उतारे किफायती रोबोट डॉग्स
  3. सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए पेंटागन और FCC ने लगाए प्रतिबंध

डिजिटल डेस्क। चार पैरों वाले 'रोबोट डॉग्स' (Quadruped Robots) अब केवल टेक शो की शोभा नहीं बढ़ा रहे, बल्कि वैश्विक महाशक्तियों के सैन्य अभियानों और अत्याधुनिक हथियारों की नई होड़ का केंद्र बन चुके हैं। दुनिया की प्रमुख रोबोटिक्स कंपनियों में शामिल चीन की यूनिट्री रोबोटिक्स (Unitree Robotics) के वैश्विक दबदबे ने अमेरिका और चीन के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा को एक नए मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है।

अमेरिकी फंडिंग और तकनीक का चीन में हस्तांतरण

आश्चर्यजनक रूप से, यूनिट्री के मशहूर रोबोट डॉग्स की सफलता के पीछे अमेरिकी सेना की रिसर्च लेबोरेटरी और DARPA (Defense Advanced Research Projects Agency) द्वारा पोषित रिसर्च का बड़ा योगदान है। वर्ष 2010 से 2020 के बीच US आर्मी ने 'रोबोटिक्स कोलैबोरेटिव टेक्नोलॉजी एलायंस' को फंड किया था, जिसमें MIT, यूनिवर्सिटी ऑफ पेन्सिलवेनिया और बोस्टन डायनामिक्स जैसे प्रमुख संस्थान शामिल थे।


इस रिसर्च के तहत भारी सेंट्रल गियरबॉक्स के बजाय रोबोट के पैरों में ही डायरेक्ट मोटर लगाने का इनोवेटिव डिजाइन विकसित किया गया। इससे रोबोट की फुर्ती और उबड़-खाबड़ जमीनों पर संतुलन बनाने की क्षमता में क्रांतिकारी सुधार हुआ। हालांकि, अमेरिका इस बुनियादी रिसर्च को बड़े पैमाने पर कमर्शियल मैन्युफैक्चरिंग में बदलने में नाकाम रहा। चीन की यूनिट्री ने इसी तकनीक को अपनाकर किफायती और बड़े पैमाने पर बिकने वाले प्रोडक्ट्स (जैसे Unitree Go2) में तब्दील कर दिया।

चीनी मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम की ताकत

अमेरिका बुनियादी सॉफ्टवेयर और रिसर्च में मजबूत रहा, लेकिन चीन ने बड़े इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स स्थापित किए। हांगझोऊ में यूनिट्री का बेस ऐसे सप्लायर्स से घिरा है जो मोटर्स, एक्चुएटर्स और रोबोटिक मैग्नेट के लिए जरूरी दुर्लभ खनिजों (Rare Earth Minerals) का सस्ते में उत्पादन करते हैं। इसी सप्लायर नेटवर्क के बल पर यूनिट्री ने केवल 1,600 डॉलर की शुरुआती कीमत पर रोबोट बाजार में उतार दिए और वैश्विक मार्केट पर कब्जा जमा लिया।

सैन्य इस्तेमाल और अमेरिकी पाबंदियां

हालांकि रोबोट निर्माताओं का कहना है कि ये उत्पाद नागरिक इस्तेमाल के लिए हैं, लेकिन अमेरिकी और चीनी दोनों सेनाओं ने इन्हें युद्ध अभ्यासों में शामिल किया है। राइफल्स और रॉकेट लॉन्चर्स से लैस यूनिट्री रोबोट्स के परीक्षण के वीडियो सामने आए हैं।

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इस सुरक्षा खतरे को देखते हुए

  • पेंटागन ने यूनिट्री को चीनी सैन्य कंपनियों की लिस्ट में डाल दिया है।
  • FCC (फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन) ने चीनी रोबोट्स के आयात पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं।
  • यह स्थिति अमेरिका के लिए एक चेतावनी है, जहां उसकी ही फंडिंग से विकसित तकनीक मैन्युफैक्चरिंग क्षमता की कमी के कारण उसके प्रतिस्पर्धी के हाथों में सैन्य ताकत बन रही है।