• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
  • user
मेरी खबरेंuser
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • त्विषा शर्मा केस
  • भोजशाला पर फैसला
  • एलपीजी संकट
  • गर्मी का मौसम
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • विदेश

अमेरिका ने जमीन के 10 फीट नीचे दफन किया 408 किलो का हाई-टेक टाइम कैप्सूल, अब ढाई सौ साल बाद खुलेगा राज

फिलाडेल्फिया के प्रसिद्ध 'इंडिपेंडेंस नेशनल हिस्टोरिकल पार्क' में 408 किलोग्राम वजनी एक अत्याधुनिक टाइम कैप्सूल को दफनाया गया है। इस बेहद खास कंटेनर क...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Sun, 05 Jul 2026 03:25:50 PM (IST)Updated Date: Sun, 05 Jul 2026 03:25:50 PM (IST)
अमेरिका ने जमीन के 10 फीट नीचे दफन किया 408 किलो का हाई-टेक टाइम कैप्सूल, अब ढाई सौ साल बाद खुलेगा राज
अमेरिका ने भविष्य के लिए दफनाया 408 किलो का टाइम कैप्सूल (स्क्रीनग्रैब)

HighLights

  1. अमेरिका ने भविष्य के लिए दफनाया 408 किलो का टाइम कैप्सूल
  2. इस बेहद खास कंटेनर को आज से ठीक ढाई सौ साल बाद खोला जाएगा
  3. कैप्सूल को पानी और जंग से बचाने के लिए विशेष तकनीक

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपनी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक अवसर पर आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अद्भुत और अनूठा उपहार जमीन के भीतर सुरक्षित किया है। फिलाडेल्फिया के प्रसिद्ध 'इंडिपेंडेंस नेशनल हिस्टोरिकल पार्क' में 408 किलोग्राम वजनी एक अत्याधुनिक टाइम कैप्सूल को दफनाया गया है।

इस बेहद खास कंटेनर को आज से ठीक ढाई सौ साल बाद, यानी वर्ष 2276 में अमेरिका की 500वीं वर्षगांठ पर खोला जाएगा। इस कैप्सूल का मकसद भविष्य के इंसानों को यह बताना है कि साल 2026 में अमेरिकी समाज, संस्कृति और तकनीक किस दौर से गुजर रही थी।


कैप्सूल के भीतर बंद है 2026 का इतिहास

इस 408 किलो के विशाल कंटेनर में अमेरिका के सभी 50 राज्यों और आम नागरिकों द्वारा चुनी गई बेहद यादगार और ऐतिहासिक वस्तुएं रखी गई हैं। इसमें दुनिया के सबसे बड़े जिप्सम रेगिस्तान की अनमोल रेत, व्हेल मछली की हड्डी, विमानन क्रांति के जनक 'राइट ब्रदर्स' के पहले हवाई जहाज के कपड़े का टुकड़ा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा भविष्य को लेकर की गई भविष्यवाणियां और कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज सहेज कर रखे गए हैं।

इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना

वैज्ञानिकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस कैप्सूल को 250 वर्षों तक जंग, नमी, पानी और मौसम के हर थपेड़े से सुरक्षित रखने की थी। कई सालों के कड़े शोध के बाद इसे चौकोर के बजाय एक बेलनाकार (सिलिंडर) रूप दिया गया, क्योंकि चौकोर डिब्बों के कोने समय के साथ कमजोर हो जाते हैं और वहां से पानी रिसने का खतरा सबसे ज्यादा होता है।

अत्यंत दुर्लभ धातु का किया गया उपयोग

इसे सील करने के लिए 'इंडियम' नामक एक अत्यंत दुर्लभ धातु का उपयोग किया गया है, जो ढक्कन बंद होते ही सूक्ष्म से सूक्ष्म दरार को भी पूरी तरह भर देती है। पानी से सुरक्षा के लिए इस पर दोहरी परत (डबल लेयर स्टील) चढ़ाई गई है, जिसके बीच में हवा का सुरक्षा कवच मौजूद है।