
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। क्रोएशिया की राजधानी जाग्रेब से सामने आया एक मामला आज भी लोगों को हैरान कर देता है। साल 1924 में जन्मीं हेडविगा गोलिक (Hedviga Golik) को पड़ोसियों ने आखिरी बार 1966 में देखा था। इसके बाद वह अचानक नजर आना बंद हो गईं। आसपास रहने वाले लोगों ने यह मान लिया कि वह शहर छोड़कर कहीं और चली गई हैं। इसी वजह से किसी ने उनके फ्लैट का दरवाजा खटखटाने या उनकी जानकारी लेने की कोशिश नहीं की।
कई दशक बाद 2008 में संपत्ति से जुड़े एक कानूनी विवाद के दौरान पुलिस और अदालती अधिकारियों ने फ्लैट का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया। कमरे के भीतर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। पूरा कमरा मानो समय के साथ थम गया था। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि हेडविगा गोलिक की बॉडी कुर्सी पर कंबलों में लिपटी हुई थी। उनके पास चाय का एक कप रखा था और सामने टीवी मौजूद था।
जांच में पता चला कि हेडविगा गोलिक की मौत टीवी देखते और चाय पीते समय ही हुई थी। इसके बाद उनका फ्लैट वर्षों तक बंद रहा और किसी को इस बारे में जानकारी नहीं हुई। सोशल मीडिया पर यह मामला सामने आने के बाद लोगों ने इसे अकेलेपन और सामाजिक दूरी की दर्दनाक मिसाल बताया। पड़ोसियों ने भी स्वीकार किया कि उन्होंने यह मान लिया था कि वह कहीं और चली गई हैं, इसलिए कभी उनसे संपर्क करने की कोशिश नहीं की। :::