इंदौर में किसानों ने अर्धनग्न होकर किया प्रदर्शन, पूर्वी रिंग रोड और इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन का विरोध
किसानों ने मांग की है कि परियोजना में जिनकी भूमि अधिग्रहित हो रही हो उन सभी को मुआवजे के रूप में वर्तमान बाजार भाव से कम से कम 4 गुना मुआवजा राशि एकमु ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 26 Feb 2026 02:22:26 PM (IST)Updated Date: Thu, 26 Feb 2026 03:14:11 PM (IST)
इंदौर में किसानों ने कलेक्टर कार्यालय परिसर में अर्धनग्न होकर किया विरोध प्रदर्शन।HighLights
- इंदौर में पूर्वी रिंग रोड को निरस्त करने की मांग कर रहे किसान
- बोले- इससे हमारी सालभर में 3-4 फसल देने वाली जमीन होगी प्रभावित
- कृषि भूमि की गाइड लाइन वर्तमान बाजार मूल्य के अनुरूप बढ़ाई जाए
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर में पूर्वी रिंग रोड प्रोजेक्ट और इंदौर मनमानड़ रेल लाइन के विरोध में किसानों ने कलेक्टर कार्यालय के बाहर अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। इस दौरान तेज गर्मी की वजह से एक बुजुर्ग किसान को घबराहट होने लगी और वो वहीं लेट गए।
इस पर वहां मौजूद सरकारी कर्मचारी पानी की बॉटल लेकर पहुंचे, लेकिन किसानों ने उनका पानी पीने से भी साफ इन्कार कर दिया और कहा कि हम अपना ही पानी पिएंगे। सरकार का पानी भी नहीं लेंगे।
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जानकारी के मुताबिक पूर्वी रिंग रोड और इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन से 44 गांवों के किसान प्रभावित हुए हैं। किसानों का कहना है कि प्रस्तावित नक्शे से अति उपजाऊ सिंचित कृषि भूमि जो साल में 3 से 4 फसलें देती है उसे हटाया जाए। बिना किसानों की स्वीकृति के भूमि अधिग्रहण करना किसानों के मौलिक अधिकारों का हनन होगा। इसके साथ ही उन्होंने मुआवजा राशि वर्तमान बाजार भाव से चार गुना करने की मांग की है।
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किसानों की यह है मांग
- पूर्वी रिंग रोड को निरस्त किया जाए, क्योंकि शहर के पूर्वी क्षेत्र में कई वैकल्पिक रोड मौजूद है।
- विकास को देखते हुए अगर रोड़ एवं रेल्वे लाईन बनाना ही पड़े तो इसे वर्तमान अलाइनमेंट से दूर 5 से 6 किलोमीटर पर बनाए। जिससे उनकी जमीनें प्रभावित ना हो।
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कलेक्टर शिवम वर्मा जमीन पर बैठकर किसानों से चर्चा करते हुए।
- प्रभावित किसानों को जिनकी भूमि योजना में अधिग्रहित हो रही हो उन सभी को मुआवजे के रूप में वर्तमान बाजार भाव से कम से कम 4 गुना मुआवजा राशि एकमुश्त दी जाए।
- पूर्वी रिंग रोड़ में प्रभावित सभी किसानों की कृषि भूमि एक परियोजना में अधिग्रहित हो रही है, उसी प्रकार सभी किसानों को बढ़ी हुई कीमत का एक समान मुआवजा दिया जाए।
- कृषि भूमि की गाइड लाइन वर्तमान बाजार मूल्य के अनुरूप बढ़ाई जाए।
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